हिंदुओं का नया ब्रांड 'सृजन', पतंजलि को देगा टक्कर

मोहन भागवत 9 फरवरी को सृजन ब्रांड को लॉन्च करने वाले है।सृजन को पतंजलि की तर्ज पर घर- घर पहुंचाने की तैयारी है।

हिंदुओं का नया ब्रांड

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 9 फरवरी को मध्यप्रदेश के बनखेडी गोविंदनगर में भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास में सृजन ब्रांड को लॉन्च करेंगे। आरएसएस की योजना सृजन ब्रांड को घर-घर पहुंचाने की है। पतंजलि की तर्ज पर गोविंदनगर भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति न्यास सृजन ब्रांड को स्थापित करने की तैयारी में है। सृजन ब्रांड की मार्केटिंग के लिए इंदौर और भोपाल में आऊटलेट लगाने की भी तैयारी है। जल्द ही बाजार में प्रोडेक्ट को उतारा जाएगा। इसकी शुरूआत बनखेडी विकासखंड से की जा रही है, लेकिन बाद में इस ब्रांड को देश के कोने कोने में फैलाने की योजना है। बाद में प्रदेश के सभी जिला केन्द्रों में इन आऊटलेट का विस्तार किया जाएगा।

एक हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

सृजन के माध्यम से भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास में ही कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अभी 487 लोगों का पंजीयन हो चुका है। सृजन के माध्यम से अगरबत्ती और डिटर्जेट पाउडर की एक यूनिट 10 गांव के बीच में लगाई जाएगी। न्यास के सीईओ विकास मोहरिर ने बताया कि प्रत्येक 10 ग्रामों में एक यूनिट लगाई जाएगी। प्रत्येक यूनिट के माध्यम से 40 लोगों को रोजगार देने की योजना है। पहले अगरबत्ती यूनिट पर काम होगा, उसके बाद साबुन और डिटर्जेन पावडर बनाने की यूनिट लगाई जाएगी ।

बाजार भी उपलब्ध कराएंगे

गांव गांव लगने वाली यूनिट को कच्चा माल न्यास के माध्यम से मिलेगा या यूनिट वाले स्वयं बाजार से खरीद सकते हैं। यूनिट में बनी अगरबत्ती को कारीगर स्वयं बेच सकते हैं या न्यास को भी बेच सकते हैं। न्यास इन यूनिट से अगरबत्ती सामान्य 55 से 60 रूपए और सुंगधित अगरबत्ती 60 से 80 रूपए की दर से पैकेट खरीदेगा।

अप्रैल माह से शुरू होगा प्रशिक्षण -

न्यास में अगरबत्ती यूनिट के प्रशिक्षण देने वाले कारीगरों का प्रशिक्षण चल रहा है। अप्रैल माह से प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हो जाएगी। प्रशिक्षण देने के लिए रानी प्रजापति, आरती पटवा को नियुक्त किया गया है। प्रशिक्षक रानी प्रजापति ने बताया कि अगरबत्ती का निर्माण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण देने वालों का अभ्यास जारी है।

12 जिलों में 640 लोगों को लाभ मिल चुका है

न्यास माटीकलां के माध्यम से प्रदेश के 12 जिलों में 640 कारीगरों को लाभ पहुंचा चुके हैं और आज वो कारीगर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। माटीकलां बोर्ड के माध्यम से 14 हजार रूपए की कीमत का इलेक्ट्रिकल्स चाक भी कारीगरों को दिया गया है । लाभ प्राप्त करने वाले लोगों में सतना, बुराहनपुर, बालाघाट, रायसेन, हरदा, जबलपुर, छिन्दवाडा, बैतूल,डिढौरी सहित कुल 12 जिले है।

गांव का पैसा गांव में ही रहेः

सृजन का उद्देश्य गांव का पैसा गांव मे रहे। जो लोग रोजगार की तलाश में गांव से पलायन कर रहे हैं, उन्हें गांव में रोजगार देना और उनके द्वारा बनाई गई सामग्री को बड़े बाजार में पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। कार्यशाला में मार्केटिंग के फंडे भी सिखाए जाएंगे।

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