दिल्ली: नारदा न्यूज़ के ऑफिस में कोलकाता पुलिस की छापेमारी पर एडिटर-इन-चीफ मैथ्यू सैमुअल का बयान

नारदा न्यूज़ के दिल्ली आॅफिस में 17 फरवरी काे पश्चिम बंगाल पुलिस की 5 सदस्यीय टीम ने छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने मेरे सह कर्मचारियाें से पूछताछ भी की और ऑफिस से एक एप्पल आई-मैक, एक मैकबुक, कुछ लैपटॉप और कैमरा जब्त कर लिया।

दिल्ली: नारदा न्यूज़ के ऑफिस में कोलकाता पुलिस की छापेमारी पर एडिटर-इन-चीफ मैथ्यू सैमुअल का बयान

नारदा न्यूज़ के दिल्ली आॅफिस में बीते शुक्रवार (17 फरवरी) काे पश्चिम बंगाल की पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मेरे सह कर्मचारियाें से पूछताछ कर एक एप्पल आई-मैक, एक मैकबुक, कैमरा और कुछ लैपटॉप ऑफिस से जब्त कर लिये।

जानिए, क्या है पूरा मामला:- 

12 फरवरी 2017 काे कोलकाता के मेरे कुछ दोस्तों ने मुझे फोन कर यह बताया कि काेलकाता पुलिस ने मूचीपारा के एक हाेटल में छापेमारी कर एक लैपटॉप व मोबाइल फाेन बरामद किया है। जिसके बाद पुलिस जांच में यह पता चला कि पुलिस को एक वीडियाे आैर कुछ तस्वीरें मिली हैं। जिसमें मुझ जैसा एक शख्स देखा गया है। बताया जा रहा है कि कोई विक्रम सिंह नाम का व्यक्ति पूर्व मंत्री डीपी यादव को फाेन कर धमकी दे रहा था। साथ ही पांच कराेड़ रुपये की मांग भी कर रहा है, धमकी में विक्रम सिंह नाम के व्यक्ति ने कहा था कि अगर उसे पैसे नहीं दिए गए ताे उसके पास डीपी यादव की राजनेताआें के साथ एक वीडियाे है जिसे वह वायरल कर देगा।

दिसंबर के पहले हफ्ते से ही मुझे आैर मेरे सहयाेगीयाें काे तीन अज्ञात नंबरों से फाेन भरी धमकी आैर मेसेज आ रहे हैं। इस मेसेज के द्वारा मुझे धमकी मिल रही है कि अगर मैं उन्हें 2 कराेड़ रुपये नहीं दूंगा तो वह एक वीडियाे काे वायरल कर देंगे।

26 दिसंबर, 2016 काे मुझे कुमार नाम के एक व्यक्ति ने फाेन किया जाे कि मेरा पुराना मित्र भी था। वह किसी साउथ इंडियन सिनेमा आैर सीरियल का को-प्रोड्यूसर भी रह चुका है। उसने एक बार मेरी मुलाकात नटराजन से करवाई थी जाे एआईडीएमके की मुख्य सचिव वीएस शशिकला के पति थे। उन्होंने मुझसे कहा था कि वाे नारदा न्यूज़ के लिए शशिकला के साथ मेरा एक एक्सक्लूसिव इंटरक्यू तय करवा देंगे।

27 दिसंबर, 2016 की दाेपहर काे मैं दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना हुआ। वहां पहुंचने पर कुमार ने मुझे बताया कि उसने 28 दिसंबर दोपहर 12:30 बजे उसके घर के बागीचे में मेरी शशिकला के साथ मीटिंग तय कर दी है। इस इंटरव्यू के लिए मैंने केरल से दाे कैमरामेन भी बुला लिए। अगले दिन कुमार ने मुझे फाेन कर हाेटल कलेरियान पहुंचने काे कहा आैर साथ ही यह भी कहा कि पहले कुछ समय तक काेई रिकाेर्डिंग नहीं हाेगी सिर्फ बातचीत हाेगी।

मैं करीब 15 मिनट के अंदर कलेरियान हाेटल पहुंच गया। वहां पर बेजू जॉन आैर महेश माेहन नाम के दाे लाेग मेरे पास आए। जिन्हें मैं बहुत दिनाें से जानता हूं। उन दोनों को देखकर मैं बहुत हैरान हो गया। इसके बाद उन्हाेंने एक लैपटॉप खाेला आैर उसमें एक वीडियाे फुटेज मुझे दिखाई जाे हमारे बिहार व केरल में कुछ दिन पहले किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी है। मैंने उन्हें पूरी बात बताई की यह वीडियाे साेशल नेटवर्क पब्लिक डाेमेन पर भी माैजूद है। साथ ही मैंने उन्हें यह भी कहा कि यह अधूरी है और इसी वजह से इसे पब्लिश नहीं किया गया।

तब से वह लोग मुझे धमकी देने लगे और साथ ही ब्लैकमेल करने लगे कि अगर मैं उन्हें 2 कराेड़ रुपये नहीं दूंगा तो वो लोग यह वीडियाे तृणमूल कांग्रेस के नेताओं काे दे देंगे जाे नारदा के द्वारा किए गए स्टिंग में रिश्वत लेते पकड़े गए थे।

इसके बाद उन्हाेंने मुझसे कहा कि वह एक नई वेबसाइट WWW.Falconpost.com लाॅन्च कर हैं जिस पर वीडियाे काे वायरल कर देंगे। उन्हाेंने मुझे यह भी बताया कि उन्हें यह वीडियाे हमारे नारदा न्यूज़ ऑफिस के एक पुराने कर्मचारी ने दिया है जाे नारदा न्यूज़ छाेड़ चुका है। मैंने उनसे कहा कि आप जो कर सकते हैं वो कीजिए। यह मेरे और नारदा न्यूज़ के खिलाफ रची गई साजिश है।

इन सब घटनाओं के बाद मैंने इन लोगों (जो धमकी दे रहे थे) के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाया। क्याेंकि मुझे मेरी माँ का फाेन आया था कि वह काफी दिनाें से बीमार हैं, मैं तुरंत केरल स्थित काेची अपनी माँ के पास चला गया।

इसके दाे दिन बाद मेरी एक सहयोगी महिला जिनका नाम एंजल अब्राहम है जाे मेरे साथ नारदा न्यूज़ में काम करती हैं। उनकाे भी धमकी भरे फाेन आने शूरू हाे गए। उस समय वह भी केरल में ही थीं। फिर मैंने और एंजल ने पुलिस में शिकायत दर्ज करने का फैसला किया। इसी साल 4 जनवरी काे एंजल ने पुलिस में एक रिपाेर्ट दर्ज करवाई।

मैंने 13 जनवरी काे अपने ऑफिस के एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया था। क्योंकि वह बहुत लापरवाह व गैरजिम्मेदार था। मेरे बार-बार समझाने के बाद भी वह मेरी बातों को अनसुना करता था और मनमानी करता था। इसी कारण मजबूरन मुझे उसे नौकरी से निकालने का फैसला लेना पड़ा। यह वही कर्मचारी है जिसके पास कंपनी का लैपटॉप था। जिसे बिहार के स्टिंग ऑपरेशन पर काम करने के लिए दिया गया था। मेरे कई बार कहने के बाद भी उसने ऑफिस का लैपटॉप वापस नहीं किया।

इन सब घटनाओं के कुछ दिनों बाद ही मुझसे संपर्क किए बिना अचानक 5 सदस्यीय कोलकाता पुलिस टीम द्वारा मेरे नई दिल्ली स्थित नारदा न्यूज़ ऑफिस पर छापेमारी की गई। दरअसल, बिहार स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में कथित जबरन वसूली की शिकायत के आधार पर यह छापेमारी हुई। नारदा न्यूज़ ऑफिस में घंटों चली लंबी तलाशी के बाद कोलकाता पुलिस ने कार्यालय से एक एप्पल आई-मैक, एक मैकबुक, कैमरा और कुछ लैपटॉप जब्त कर लिया।

पुलिस ने मेरे ऑफिस ने कर्मचारियों को बताया कि वे मेरे घर पर जाना चाहते हैं, और उन्होंने (कोलकाता पुलिस टीम) मेरे सहयोगियों से कहा कि वो चाहते हैं कि मेरे सहयोगी भी उनके साथ चलें। लेकिन, साउथ दिल्ली में नारदा न्यूज़ के ऑफिस से कुछ ही दूरी पर उन्होंने मेरे  सहयोगियों को एक सम्मन दिया, जिसके अनुसार मुझे 22 फरवरी को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पुलिस कार्यालय में हाजिर होना होगा।