हरियाणा: जांट आंदाेलन में लिप्त अफसराें पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई!

हरियाणा में भाजपा की खट्टर सरकार भले ही पिछले जाट आंदोलन में अफसरों की भूमिका की जांच करने वाली प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने से अपना पल्ला झाड़ रही हो लेकिन वर्तमान जाट आंदोलन में एक बार फिर से सरकार को कमेटी का सुझाव याद आने लगा है।

हरियाणा: जांट आंदाेलन में लिप्त अफसराें पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई!

हरियाणा में भाजपा की खट्टर सरकार भले ही पिछले जाट आंदोलन में अफसरों की भूमिका की जांच करने वाली प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने से अपना पल्ला झाड़ रही हो लेकिन वर्तमान जाट आंदोलन में एक बार फिर से सरकार को कमेटी का सुझाव याद आने लगा है। मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार यू.पी. के पूर्व डी.जी.पी. प्रकाश सिंह ने हरियाणा की अफसरशाही और पुलिसकर्मियों की स्थिति पर खास सुझाव दिया था। मौजूदा संदर्श में बीते दिनों एस.डी.एस. हांसी का ऑडियो वायरल होना और अब सी.आई.डी. की रिपोर्ट लीक होना सरकार के लिए मुसीबत बनते जा रहा है।

बहरहाल रिपोर्ट लीक होने के मामले में सरकार के उच्चाधिकारियों की टीम जांच में जुट गई है, लेकिन कई जिलों में तैनात अफसरों में अभी भी सामंजस्य की स्थिति नजर नहीं आ रही है। लिहाजा प्रदेश में चल रहे जाटों के धरनों पर अफसरों की कार्यशैली ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कई जिलों में अफसरों की गलत कार्यशैली के कारण स्थिति नियंत्रण के बाहर हो गई थी। जिसके बाद सरकार ने पूर्व आई.पी.एस. अधिकारी प्रकाश सिंह को अफसरों की भूमिका की जांच का जिम्मा सौंपा था। प्रकाश कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में करीब 90 अफसरों को दोषी पाया था लेकिन सरकार महज 2 दर्जन अफसरों पर कार्रवाई कर चुपचाप बैठ गई।

हालांकि प्रकाश कमेटी की आई रिपाेर्ट में कई ऐसे आई.ए.एस. स्तर के अफसरों का नाम भी शामिल किया गया था जो सीधे तौर से गुनहगार तो नहीं थे लेकिन जिला उपायुक्त के तौर पर परिस्थितियों के हिसाब से आंदोलन रोकने में कामयाब नहीं पाए थे। बीते आंदोलन की तरह से मौजूदा समय में भी अफसरों के कारनामे सामने आने शुरू हो गए हैं। पिछले दिनों हांसी के एस.डी.एम. का ऑडियो वायरल होने के बाद सरकार ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया था और अब सी.आई.डी. की रिपोर्ट बाहर आने से सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैसे तो बीते आंदोलन से सबक लेते हुए सरकार की ओर से प्रदेश भर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं, लेकिन अफसरशाही में शामिल काली भेड़ों से सरकार को दिक्कत महसूस होने लगी है।