ओला और ऊबर के 3,000 ड्राइवर हड़ताल पर, कैब यूजर्स की परेशान

दिल्ली में उबर या ओला यूजर को कैब बुक करने में परेशानी हो रही है दरअसल आज सुबह से ओला और ऊबर के 3,000 ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं...

ओला और ऊबर के 3,000 ड्राइवर हड़ताल पर, कैब यूजर्स की परेशान

यदि आपको दिल्ली में ओला और ऊबर की कैब तलाशने में दिक्कत हो रही है तो इसकी वजह यह है कि करीब 3,000 टैक्सी ड्राइवर शुक्रवार सुबह से ही अनिश्चित हड़ताल पर चले गए हैं। दोनों ही कंपनियों के ड्राइवर जंतर-मंतर धरना दे रहे हैं।

शुक्रवार यानि आज सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर में कई यूजर्स ने ओला या उबर के कैब नहीं मिलने की शिकायत की है। बता दें कि ये धरना दिल्ली के सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन द्वारा बुलाया गया है, जिसके साथ 2,000 ड्राइवरों के जुड़े होने की खबर है। बिजनेस स्टेंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्राइवर्स की मांग बेहतर सैलेरी व टार्गेट पूरा करने के लिए और समय की है। इस संस्था को उम्मीद है कि इस प्रदर्शन से 40,000 से 50,000 हजार ड्राइवर जुड़ेंगे।

ड्राइवरों का दावा है कि उन्हें हर राइड पर प्रति किलोमीटर सिर्फ 6 रुपये का ही भुगतान किया जा रहा है। हड़ताली ड्राइवरों का दावा है कि उन्हें सरकार की ओर से मंजूर की गई दरों के मुताबिक ही किराये का भुगतान होना चाहिए। असोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य कमल राठौर ने कहा, 'उन्होंने हमें एक लाख रुपये महीने तक की कमाई होने की बात कही थी, लेकिन किराये की घटती दरों के चलते हालत यह है कि हम अपने परिवार का पेट तक नहीं भर पा रहे हैं। हमारी मांग है कि सरकार की ओर से तय 21 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से हमें किराये का भुगतान होना चाहिए। पहले उन्होंने अपनी स्कीम के तहत हमें कार दिलवा दी और अब लगातार इनकी संख्या बढ़ाते जा रहे हैं। इससे हमें अपनी गाड़ियों की मासिक किस्तों को चुकाने में भी दिक्कत आ रही है।'

हाल ही में सड़क हादसों में दो ऊबर ड्राइवरों की मौत के चलते हड़ताली कर्मियों की मांग है कि उन्हें काम के घंटों में राहत दी जाए। हादसे का बीमा हो और किराये में वृद्धि की जाए। इसके अलावा कमाई में साझेदारी बढ़ाने, राइड शेयरिंग सर्विसेज को बंद करने और नई कारों को शामिल करने पर रोक लगाने की भी मांगे शामिल हैं।