US: मारे गए भारतीय के लिए फंड जुटाने की ऑनलाइन काेशिश, 12 घंटों में मिले ढाई लाख डॉलर

यूएस के कंसास में पूर्व यूएस नेवी के कर्मचारी के हाथाें द्वारा मारे गए भारतीय इंजीनियन श्रीनिवास कुचिभाेटला के परिवार की मदद के लिए बहुत से लोग सामने आए हैं। सिर्फ 12 घंटों में ही 250000 अमेरिकी डॉलर की मदद पहुंची है।

US: मारे गए भारतीय के लिए फंड जुटाने की ऑनलाइन काेशिश, 12 घंटों में मिले ढाई लाख डॉलर

यूएस के कंसास में पूर्व यूएस नेवी कर्मचारी के हाथाें द्वारा मारे गए भारतीय इंजीनियन श्रीनिवास कुचिभाेटला के परिवार की मदद के लिए बहुत से लोग सामने आए हैं। अपनी संवेदनाओं के साथ लोगों ने श्रीनिवास के परिवार की मदद के लिए चलाए गए ऑनलाइन कैंपेन में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया है। बताया जा रहा है कि सिर्फ 12 घंटों में ही 250000 अमेरिकी डॉलर की मदद पहुंची है। हैदराबाद के रहने वाले 32 साल के श्रीनिवास कुचिभोटला की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि बीते बुधवार की रात अमेरिका के कनसास शहर के बार में श्रीनिवास अपने दोस्त आलोक मदसानी के साथ बैठे थे। तब अचानक 51 साल के एक रिटायर्ड नौसैनिक ने यह कहते हुए उन दोनों पर गोली चलाई कि 'निकल जाओ मेरे देश से।

शूटर ऐडम पुरिनटोन चिल्लाते हुए वंशीय टिप्पणी करने लग गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने इन दोनों भारतीयों को 'मिडल ईस्टर्न' (मध्य-पूर्वी) कहकर बुलाया और कई गोलियां चलाने से पहले चिल्लाकर कहा कि 'निकल जाओ मेरे देश से।

आलोक और श्रीनिवास, अमेरिकी मल्टीनेश्नल कंपनी गार्मिन इंटरनेश्नल में काम करते हैं जो जीपीएस सिस्टम बनाती है। वह 2014 में इस कंपनी में शामिल हुए थे और उनकी पत्नी सुनयना दुमाला भी कनसास में ही एक टैक्नॉलोजी कंपनी में काम करती हैं।

इस हादसे को रोकने के लिए 24 साल के ईयान ग्रिलाेट बीच में आए लेकिन हमलावर ने उसे भी नहीं छोड़ा और गोली मार दी। हालांकि उम्मीद है कि वह बच जाएंगे।

गोफंडमी नाम से एक पेज बनाया गया था जिमें कुचिभोटला के परिवार की मदद की अपील की गई थी और अपेक्षा की गई थी कि 150000 डॉलर की मदद दी जाएगी, लेकिन 12 घंटों में यह मदद 250000 से ज्यादा हो गई। यह पेट कुचिभोटला के दोस्त कविप्रिया मुथुरामलिंगन ने तैयार किया है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार 7000 से ज्यादा लोगों ने मदद की है और इसमें काफी अमेरिकन भी हैं। पेज में यह कहा गया था कि श्रीनि काफी दयालु किस्म के इंसान थे, जिसमें सभी के लिए प्यार था, देखभाल की भावना थी। वह काफी होशियार थे, तमीजदार थे और एक बेहत बढ़िया इंसान थे। पेज में कहा गया है कि उसकी पत्नी सुनयना और उसके परिवार को काफी दुख पहुंचा और उन्हें काफी खर्चा भी आएगा। हमने इस फंड को इसलिए बनाया है ताकि श्रीनिवास के अंतिम संस्कार के खर्चे और अन्य खर्चों में सहायता हो सके।

गाैरतलब है कि अमेरिकी ब्रायन एरिक फोर्ड ने भी गोफंडमी कैंपेन चलाया था जिससे दोनों भारतीयों की मदद हो सके। मीडिया से बातचीत में कंसास सिटी के ग्राफिक आर्टिस्ट ने बताया है कि जब से देश में चुनाव संपन्न हुए हैं तब से सफेद राष्ट्रवाद ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यह मौका था कि जब यह बताया जाए हम इन समुदाय के साथ है जिन पर हमला हो रहा है। इस पन्ने पर भी लोग मदद कर रहे हैं और अभी तक 29726 अमेरिकी डॉलर एकत्र हो चुके हैं और इनक लक्ष्य 50000 डॉलर एकत्र करने का है।