'PAK के खिलाफ अमेरिका उठाए कड़े कदम'

विशेषज्ञ समूह ने ट्रंप प्रशासन से कहा, 'अगर पाकिस्तान भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकवाद का इस्तेमाल बंद नहीं करता, तो अमेरिका को पाक के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए।'

अमेरिका में दक्षिण एशिया मामलों के एक विशेषज्ञ समूह ने ट्रंप प्रशासन से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने को कहा है। इस विशेषज्ञ समूह में कई अलग-अलग थिंक टैंक के लोग शामिल हैं। इन समूह ने ट्रंप प्रशासन से कहा है कि अगर पाकिस्तान भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकवाद का इस्तेमाल बंद नहीं करता, तो अमेरिका को उसके खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए। इस समूह द्वारा दी गई अनुशंसाओं में पाकिस्तान को 'आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश' का दर्जा देने पर विचार करना भी शामिल है। पाकिस्तानी सेना व खुफिया विभाग से जुड़े लोगों व अधिकारियों के अमेरिका में प्रवेश को प्रतिबंधित करने की सलाह भी दी गई है।

कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को चाहिए कि वह पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने की अपील को नजरंदाज करे। रिपोर्ट और पाकिस्तान को स्पष्ट संकेत दे कि भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के लिए वह इस्लामाबाद को ही दोषी मानता है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सात मुस्लिम-बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। पाकिस्तान भले ही इन देशों की सूची में शामिल होने से बच गया, लेकिन ट्रंप ने संकेत दिए की पाक को भी इस लिस्ट में जोड़ा जा सकता है।

'रिपोर्ट ऑफ द एक्सपर्ट्स वर्किंग ग्रुप ऑन पाकिस्तान पॉलिसी' में विशेषज्ञ समूह ने यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को 'आतंकवाद प्रायोजक देश' का यह दर्जा तत्काल नहीं दिया जाए। इसके पीछे कारण यह बताया गया है कि ऐसा करने से पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते बेहद बिगड़ जाएंगे। इसे ध्यान रखते हुए एक्सपर्ट्स ने ट्रंप प्रशासन को क्रमबद्ध तरीके से कदम उठाने की सलाह दी है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि पाकिस्तान सरकार द्वारा अपनी जमीन पर स्थित और सक्रिय आतंकवादी समूहों को समर्थन देने पर अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इन आतंकी समूहों में वे गुट भी शामिल हैं जो कि भारत के खिलाफ आतंकवादी वारदातों को अंजाम देते हैं। 'पाकिस्तानी अधिकारियों ने निजी तौर पर यह बात कही है कि जैश-ए-मुहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा जैसे स्थानीय आतंकवादी संगठन बेहद ताकतवर हैं और पाकिस्तानी सेना उन्हें चुनौती नहीं दे सकती है। अमेरिका को चाहिए कि वह पाकिस्तान की जमीन पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों के लिए वहां की सरकार को जिम्मेदार माने।'

रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन को भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार रहने को कहा है। साथ ही कहा कि भारत और पाक के बीच अगर सैन्य युद्ध की स्थिति पैदा होती है, तो उन हालातों में अमेरिका किस तरह बीच-बचाव करेगा, इसके लिए भी ट्रंप प्रशासन को तैयार रहने की हिदायत दी गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकन अधिकारियों को भारत और पाकिस्तान के बीच संतुलन बनाने की अपनी आदत छोड़कर आतंकवाद को समर्थन देने के एवज में पाकिस्तान पर स्पष्ट जिम्मेदारियां तय करनी चाहिए।