सर्जिकल स्ट्राइक से दो दिन पहले ही Pok में घुस गये थे भारतीय जवान

भारतीय सेना के वीर जवानों के द्वारा 18 सितंबर को हुए उरी हमले के जवाब में 28-29 सितंबर को पीओके में घुस कर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी सभी के सामने आ गयी है। 26 जनवरी को सरकार ने उन सभी बहादुर जवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया था, जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।

सर्जिकल स्ट्राइक से दो दिन पहले ही Pok में घुस गये थे भारतीय जवान

भारतीय सेना के वीर जवानों के द्वारा 18 सितंबर को हुए उरी हमले के जवाब में 28-29 सितंबर को पीओके में घुस कर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी सभी के सामने आ गयी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 26 जनवरी को सरकार ने उन सभी बहादुर जवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया था, जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक भारतीय जवान सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने से 48 घंटे पहले ही नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान की सीमा में घुस चुके थे और सही समय का इंतजार कर रहे थे। पाकिस्तानी सीमा में घुसने के बाद उन्होंने आतंकी लांचिंग पैड्स की रेकी की थी और आतंकियों के लांचिंग पैड्स को तबाह किया था।

सर्जिकल स्ट्राइक में 19 पैरा कमांडोज का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। बता दें कि जारी किये गए दस्तावेजों में सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान की सभी एक्टविटी का ब्यौरा है। इन 19 पैरा कमांडोज में पैरा रेजिमेंट के 4th और 9th बटालियन के एक कर्नल, दो कैप्टन, पांच मेजर, एक सूबेदार, दो नायब सूबेदार, तीन हलवदार, एक लांसनायक और चार पैराटूपर्स ने मिलकर इस मिशन को अंजाम दिया था।

वहीं सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाली टीम में शामिल रहे नायब सूबेदार विजय कुमार एक दिन पहले ही पीओके में प्रवेश कर चुके थे। उन्होंने वहां पहुंच कर आतंकियों की गतिविधि पर नजर रखी और सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान आतंकियों के लांच पैड पर जमकर फायरिंग की थी। इस दौरान उन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया था। सर्जिकल स्ट्राइक में भेजी गई टीम में सेना के शॉर्प शूटर शामिल थे।