सार्वजनिक जगहों पर 'वैलेंटाइन डे' नहीं मनाया जाएगा: कोर्ट

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह फैसला लिया है कि देश में वैलेंटाइन डे नहीं मनाया जाएगा। मीडिया पर भी लगाई पाबंदी।

सार्वजनिक जगहों पर

‘वैलेंटाइन डे’ के मौके पर पूरी दुनिया के प्रेमी-प्रमिका अपने प्यार का इजहार कर रहे होंगे वहीं एक देश ऐसा भी है जहां पर वहां के लोगों को ऐसा करने का मौका नहीं मिलेगा। जी हां, हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान की। जहां पर वैलेंटाइन डे को बैन कर दिया गया है।

पाकिस्तान की इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह फैसला लिया है कि देश में वैलेंटाइन डे नहीं मनाया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि कोई भी प्रिंट या इलेक्ट्रोनिक मीडिया वैलेंटाइन डे का प्रचार नहीं करेगा।

जस्टिस शौकत अजीज का कहना है कि फेडरल मिनिस्ट्री ऑफ इन्फोर्मेशन और पाकिस्तान इलेक्ट्रोनिक मीडिया रेगुलेटरी ऑथोरिटी को निर्देश दिए गए हैं कि उसे प्रचार के हर माध्यम पर नजर रखनी होगा और उन्हें वैलेंटाइन डे को करने को लेकर मीडिया को सूचित भी करना होगा।

जस्टिस ने यह फैसला एक आम नागरिक अब्दुल वाहीद द्वारा दायर की गई उस याचिका पर सुनाया जिसमें कहा गया था कि प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और सोशल मीडिया पर वैलेंटाइन का बहुत प्रचार किया जा रहा है जो कि हमारी इस्लामिक शिक्षा के खिलाफ है और इसे तुरंत बैन कर दिया जाना चाहिए। इस याचिका में यह भी कहा गया कि वैलेंटाइन डे को पब्लिक पलेस में मनाने से बैन किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि हर साल इस प्यार के त्योहार को लेकर पाकिस्तान के कुछ लोग इसका समर्थन करते हैं तो कई लोग इसका विरोध करते हैं। जहां एक तरफ पाकिस्तान के कुछ राज्यों के रेस्टोरेंट और बैकरी के लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ एंटी-वैलेंटाइन कैंपेन चलाने वाले लोगों का कहना है कि देश में वैलेंटाइन डे के लिए कोई जगह नहीं है।

ज्ञात हो कि पिछले साल पाकिस्तान मुस्लिम लीक के अध्यक्ष ममनून हुसैन ने वैलेंटाइन डे को बैन करने की मांग की थी। उनका कहना था कि यह मुस्लिम परंपरा का हिस्सा नहीं है और साथ ही कहा था कि वैलेंटाइन का हमारी सभ्यता के साथ कोई मेल नहीं है। यह सिर्फ पश्चिमी देशों का त्योहार है।