किसानों के लिए खुशखबरी, बढ़ी हुई बिजली की दरें वापस लेगी राजे सरकार

राजस्थान के किसानों के लिए राजे सरकार ने शनिवार को बिजली के मामलों में सौगातों का पिटारा खोल दिया है।

किसानों के लिए खुशखबरी, बढ़ी हुई बिजली की दरें वापस लेगी राजे सरकार

राजस्थान के किसानों के लिए राजे सरकार ने शनिवार को बिजली के मामलों में सौगातों का पिटारा खोल दिया है.
मुख्यमंत्री वसुन्ध राजे के साथ शुक्रवार से ही कृषि कनेक्शनों की बिजली की दरों के मामले पर मंत्रियों के साथ बैठकें हुईं. इसके बाद शनिवार सितम्बर 2016 से बढ़ी हुई किसानों की बिजली की दरों का भार राज्य सरकार ने वहन करने का निर्णय लिया।

राजस्थान ऊर्जा मंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि कनेक्शनों की बढ़ी हुई दरों को वापस लेने का फैसला किया है और 25 पैसे यूनिट के हिसाब से राज्य सरकार वहन करेगी.
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस फैसले को लागू होने के साथ ही जिनके बिल जमा हुए हैं उनके अगले बिलों में बढ़ी कीमतों की राशि पुनः समायोजित कर दी जाएंगी. वहीं बिजली बिलों की शिकायतें दूर करने के लिए उपखंड व पंचायत स्तर पर शिविर लगाने के भी निर्देश दिए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि बिजली की दरें बढ़ाए जाने को लेकर प्रदेश के कई जनप्रतिनिधियों, किसान संगठनों और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मांग कि थी कि इस फैसले को वापस लिया जाए. इसके बाद सीएम राजे ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने कि निर्णय किया है.

आपको बता दें कि इस फैसले के बाद राजस्थान सरकार पर 500 करोड़ रुपए का और भार पड़ेगा. वहीं सरकार डिस्कॉम को 12 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी दे रही है.

ये घोषणाएं भी पढ़ें
-किसानों पर विजिलेंस छापों पर रोक, सही मीटर वाले किसानों के लोड की जांच नहीं होगी.
-सिविल लायबिलिटी की अवधि 4 माह से घटाकर 2 माह की.
-वीसीआर की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर वीसीआर मॉनिटरिंग कमेटियों का गठन, वीसीआर जांच के 60 दिन तक शिकायत मिलने पर 15 दिन में निपटारा.
-दिसंबर 2014 तक के आवेदकों को डिमांड राशि जमा करवाने का एक और मौका दिया जाएगा.
-बिना जांच कृषि कनेक्शनों के बढ़ाए लोड को समाप्त करने की घोषणा.
-किसानों के पंप की लोड चैकिंग में 20 फीसदी और 5 एचपी तक के लोड में रियायत.
-किसानों की बिजली से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए पंचायत और उपख्चांड स्तर पर कैंप लगेंगे.
-ड्रिप, फव्वारा और डिग्गी सिंचाई श्रेणी में लिए गए कृषि कनेक्शनों में तीन साल बाद बिजली की दरें सामान्य श्रेणी में बदलने की घोषणा।