माेहन भागवत उस जेल में पहुंचे जहां गुरु गाेलवलकर काे रखा गया था

आरएसएस मुखिया माेहन भागवत मध्य प्रदेश के उस जेल में पहुंचे जहां पर गुरु गाेलवलकर काे महात्मा गांधी की हत्या के बाद गया था।

माेहन भागवत उस जेल में पहुंचे जहां गुरु गाेलवलकर काे रखा गया था

हिंदू महासम्मेलन में सिर्कत होने के लिए आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत आज बुधवार को बैतूल पहुंचे। यहां वे मध्य प्रदेश के बैतूल जिला जेल की उस बैरक में पहुंचे, जहां कभी संघ के दूसरे सर संघ चालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर को महात्मा गांधी की हत्या के बाद रखा गया था।

मीडिया रिपाेर्ट के मुताबिक भागवत बैतूल जिले में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में सम्मिलित होने आए हैं। इसी प्रवास के दौरान वे लगभग 11 बजे जिला जेल पहुंचे। वे वहां बैरक क्रमांक-1 में गए। जहां महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अप्रैल 1949 में इसी बैरक में श्रीगुरु गोलवलकर को तीन महीने के लिए रखा गया था। गुरू गोलवलकर 13 जुलाई 1949 को रिहा हुए थे। बैरक क्रमांक एक में उनकी तस्वीर भी लगी है। भागवत यहां लगभग 15 मिनट रुके। उनके साथ संघ के जुड़े कई अन्य अहम लोग भी मौजूद थे। भागवत के जिला जेल जाने संबंधित कार्यक्रम का कांग्रेस विरोध कर रही थी।

कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पहुंचे मोहन भागवत का जेल के पास बोहरा समाज के लोगों ने इस्तकबाल का कार्यक्रम रखा था। लेकिन, भागवत उनसे मिले बिना ही वहां से रवाना हो गए। इसके चलते बोहरा समाज के लोग निराश दिखे।

जिलेभर के लोग पांच पड़ावों से शोभायात्रा के रूप में सम्मेलन स्थल पर पहुंचे। आगवानी आयोजन समिति के साथ शहर के समाज, संगठन सहित अन्य लोगों ने की। शोभा यात्राओं पर हर चौक-चौराहों पर पुष्प वर्षा की गई। स्वागत समिति के विनय भावसार के अनुसार करीब 5 टन फूलों की बारिश की गई। इसके अलावा चौक-चौराहों पर आतिशबाजी की गई।

हिंदू सम्मेलन को लेकर पुलिस ग्राउंड पर मोहन भागवत के लिए आकर्षक मंच बनाया गया। मंच की ऊंचाई 8 फीट है। यह मंच 35 लोहे के टॉवर पर बना है, जो 600 स्क्वेयर फीट में फैला है। इस मंच पर सर संघ चालक मोहन भागवत, सतपाल महाराज, पं. श्याम स्वरूप मनावत, सर सह कार्यवाहक सुरेश सोनी, सम्मेलन समिति के अध्यक्ष गेंदू बारस्कर, सचिव बुधपाल सिंह ठाकुर के बैठने की व्यवस्था है।