शशिकला दोषी, पन्नीरसेल्वम निष्कासित, पलनीसामी नए सीएम फेस ..अब आगे क्या होगा ?

एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तमिलनाडु में चल रही राजनीतिक हवा ने दूसरा रूप ले लिया है। आप भी जानिए अब आगे क्या हो सकता है ?

शशिकला दोषी, पन्नीरसेल्वम निष्कासित, पलनीसामी नए सीएम फेस ..अब आगे क्या होगा ?

एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तमिलनाडु में चल रही राजनीतिक हवा ने दूसरा रूप ले लिया है. अब तक शशिकला खुद को वहां की लड़ाई में मजबूत बता रही थी लेकिन, चार साल की सजा के फैसले के बाद उनकी उम्मीदें खत्म हो गई हैं। इसके बाद पिछले दिनों से तमिलनाडु की राजनीति में चल रही उठापटक एक बार फिर तेज हो गई है। ऐसा लग रहा है कि शशिकला के जेल जाने के बाद भी तमिलनाडु की राजनीति में चल रहा दंगल अभी खत्म होने वाला नहीं है।

क्या कर सकते है राज्यपाल ?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब गेंद एक बार फिर राज्यपाल विद्याधर राव के पाले में आ चुकी है. पन्नीरसेल्वम के समर्थक गुहार लगाते नजर आ रहे हैं कि अब राज्यपाल को कोई ठोस निर्णय लेना चाहिए। राज्यपाल पहले पन्नीपसेलवम को प्लोर टेस्ट के लिए बुला सकते हैं।

पन्नीरसेल्वम ऐसे बना सकते हैं सरकार

शशिकला के जेल जाना पन्नीरसेल्वम के लिए बड़ा रास्ता बना सकता है. जानकारी के मुताबिक, एआईएडीएमके में पन्नीरसेल्वम कई नेताओं से संपर्क में हैं. राज्य के कार्यकारी मुख्यमंत्री अभी वे ही हैं. ऐसे में राज्यपाल उन्हें फ्लोर टेस्ट के लिए बुला सकते हैं. अगर उन्होंने बहुमत साबित कर दिया तो सीएम बनना तय है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पन्नीरसेल्वम काफी राहत महसूस कर रहे होंगे. आपको याद दिला दें कि पिछले कुछ दिनों से पन्नीसेल्वम और शशिकला के बीच सीधी लड़ाई चल रही थी.

अलग पार्टी बना सकते हैं पन्नीरसेल्वम

अगर पन्नीरसेल्वम एआईएडीएमके का साथ हासिल नहीं कर पाए और अगर वे विधायकों को तोड़ने में कामयाब रहे तो अलग पार्टी बना सकते हैं. ये ही नहीं वे अलग पार्टी बना कर बीजेपी जैसी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन भी कर सकते हैं।

ई पलनीसामी को लड़नी होगी लड़ाई

शशिकला के जेल जाने के फैसले के बाद ई पलनीसामी को एआईएडीएमके के विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। पलनीसामी के माध्यम से शशिकला सरकार पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहती है। लेकिन पलानीसामी का सीएम बनना इतना आसान नहीं है। पलानीसामी को प्लोर टेस्ट से गुजरना होगा जरुरी नंबर जुटाना इतना आसान नहीं है।

क्या लग सकता है राष्ट्रपति शासन ?

राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और राजनैतिक अस्थिरता का हवाला देते हुए राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है. केंद्र से सत्ता चलाने के बहाने बीजेपी राज्य में शासन का विकल्प तलाश सकती है. पिछले दिनों सुब्रमण्यम स्वामी ने साफ कहा था कि केंद्र सरकार तो नहीं लेकिन केंद्र सरकार में कुछ मंत्री तमिलनाडु में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

जयललिता के रिश्तेदारों को अपने पाले में लाने की कोशिश

शशिकला गुट की ओर से जयललिता के भतीजे दीपक को सीएम पद का उम्मीदवार बनाने की बातें चल रही थीं हालांकि बाद में ई पलनीसामी को एआईएडीएमके के विधायक दल का नेता चुना गया। ऐसे में दोनों गुट जयललिता के रिश्तेदारों को अपने साथ मिलाने की कोशिश कर सकते है।

 स्टालिन क्या करेंगे ?

डीएमके की कमान अभी उन्हीं के पास है। वे गवर्नर से एक बार मुलाकात भी कर चुके हैं। अगर शशिकला खेमा पन्नीरसेल्वम को सपोर्ट ना करे तो पन्नीरसेल्वम स्टालिन से मदद मांग सकते हैं। स्टालिन पन्नीरसेल्वम खेमे से सपोर्ट हासिल कर खुद सत्ता में काबिज होने की भी सोच सकते हैं। बता दें कि डीएमके पास 89 विधायक हैं।



एआईएडीएमके के टुटने का डर

जयललिता अब रही नहीं और शशिकला जेल में रहेंगी ऐसे में संभव है कि पार्टी के अंदर की गुटबाजी की वजह से एआईएडीएमके टूट जाए।

मध्यावधि चुनाव का खतरा

एआईएडीएमके में जिस तरह से खीचतान दिख रही है वैसे हालात में मध्यावधि चुनाव भी हो सकते है। चुकि एआईएडीएमके में पहले जैसी एकता बनी रहे संभव नहीं लगता है।

तमिलनाडु विधानसभा का गणित

कुल 234 सीटों में से 135 सीटें एआईएडीएमके के पास है 89 सीटें डीएमके के पास 8 सीटें कांग्रेस के पास है जबकि 1 सीट आईयूएमएल के पास है।