SC का शशिकला को राहत देने से इनकार, आज ही करना होगा सरेंडर

शशिकला को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर झटका लगा है। शशिकला ने सरेंडर करने के लिए समय मांगा था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया।

SC का शशिकला को राहत देने से इनकार, आज ही करना होगा सरेंडर

शशिकला को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शशिकला ने सरेंडर करने के लिए समय मांगा था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि उन्हें आज ही सरेंडर करना होगा।

वहीं शशिकला फैसला आने के बाद देर रात पहली बार जनता के सामने आईं। शशिकला ने भावुक संबोधन में कहा कि अगर वह जेल भी चली जाएं तो भी उनके विचार पार्टी के साथ ही रहेंगे। इसके साथ ही जेल जाने से पहले शशिकला ने नया दांव खेल दिया है। शशिकला ने अपने भतीजे दिनाकरन को एआईएडीएमके का उप महासचिव बनाया है, जो उनकी गैरमौजूदगी में पार्टी की कमान संभालेंगा।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मंगलवार को शशिकला को दोषी करार दिया था और उन्हें 4 साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले की रात शशिकला उसी रिसॉर्ट में रुकीं, जहां शशिकला को समर्थन देने वाले विधायकों को ठहराया गया है। शशिकला ने रिसॉर्ट में 120 विधायकों के साथ बातचीत की थी, जो करीब एक हफ्ते से यहीं बने हुए थे।

शशिकला ने सभी विधायकों से कहा कि सब कुछ ठीक दिख रहा है। हम ही सरकार बनाएंगे। बता दें कि 21 साल पुराने 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था लेकिन कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि ओ. पन्नीरसेल्वम के बागी दिखाने के बाद शशिकला ने तमिलनाडु के गवर्नर सी विद्यासागर राव से निवेदन किया था कि वह जल्द से जल्द सीएम पद की कमान उनके हाथों में थमा दें। सोमवार को चेन्नई में समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए शशिकला ने कहा था कि हमने पन्नीरसेल्वम जैसे हजारों देखे हैं। मैं डरती नहीं हूं।

जयललिता के सीएम रहते समय 1991-1996 के बीच आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के मामले में सितंबर 2014 में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने जयललिता, शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल की सजा और 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले में शशिशकला को उकसाने और साजिश रचने का दोषी करार दिया गया था। लेकिन मई 2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता और शशिकला समेत सभी को बरी कर दिया था।

इसके बाद कर्नाटक सरकार और सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 4 महीने की सुनवाई के बाद पिछले साल जून में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक सरकार की दलील थी कि हाईकोर्ट का फैसला गलत है। सुप्रीम कोर्ट को हाईकोर्ट के फैसले को पलटना चाहिए ताकि ये संदेश जाए कि जनप्रतिनिधि होकर भ्रष्टाचार करने पर कड़ी सजा मिल सकती है।