सिएटल कोर्ट ने ट्रम्प के आदेश पर बैन लगाया, जज बोले- ट्रैवल करने पर रोक तुरंत हटे

अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प के एग्जीक्यूटिव निर्देश को लेकर अमेरिका में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। अब सिएटल की कोर्ट ने उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर रोक लगाने की बात कही है। जिसमें 7 मुस्लिम देशों के लोगों की अमेरिका में एंट्री बैन करने की बात कही गई है।

सिएटल कोर्ट ने ट्रम्प के आदेश पर बैन लगाया, जज बोले- ट्रैवल करने पर रोक तुरंत हटे

अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प के एग्जीक्यूटिव निर्देश को लेकर अमेरिका में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। अब सिएटल की कोर्ट ने उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर रोक लगाने की बात कही है। जिसमें 7 मुस्लिम देशों के लोगों की अमेरिका में एंट्री बैन करने की बात कही गई है। इससे पहले न्यूयॉर्क, वर्जीनिया, मैसाच्युसेट्स और सैन फ्रांसिस्को पहले ही ट्रम्प के ऑर्डर का विरोध कर चुके हैं। ट्रैवल करने पर रोक तुरंत हटे।

मीडिया रिपाेर्टस के मुताबिक सिएटल के जज जेम्स रॉबर्ट ने कहा, "कोर्ट का फैसला तुरंत लागू होना चाहिए। साथ ही ट्रैवल बैन पर लगी रोक तुरंत हटनी चाहिए। वहीं वॉशिंगटन के स्टेट सॉलिसिटर जनरल नोरा पर्सेल के मुताबिक, "देश में कानून के लिहाज से ये एक शानदार फैसला है।स्टेट के अटॉर्नी जनरल बॉब फर्ग्युसन के मुताबिक, "कोर्ट का फैसला ट्रम्प के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को खत्म कर देगा। मुझे उम्मीद है कि ट्रम्प सरकार फैसले का सम्मान करेगी।

ट्रम्प के ऑर्डर के बाद 1 लाख लोगों का वीजा अमेरिका 1 लाख लोगों का वीजा रद्द कर चुका है। सरकार की तरफ से एक अटॉर्नी ने अलेक्जेंड्रिया फेडरल कोर्ट में ये बात कही। कोर्ट में दो यमीनी भाइयों ने केस दायर किया था। दोनों का आरोप था कि लीगल रेसिडेंट वीजा रद्द करने और जल्द से जल्द इथियोपिया रिटर्न होने के लिए दबाव बनाया गया था। अटॉर्नी एरेज रियुवेनी के मुताबिक, फिलहाल ये नहीं बताया जा सकता कि डलेस एयरपोर्ट से कितने लोगों को उनकी होम कंट्री भेजा गया। हालांकि जिनके पास ग्रीन कार्ड है, उनको लेकर कोई रोक-टोक नहीं हुई।

ऑर्डर का विरोध करने का खामियाजा ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन की एक्टिंग अटॉर्नी जनरल सैली येट्स को भुगतना पड़ा। उन्हें सोमवार को बर्खास्त कर दिया गया था। व्हाइट हाउस ने अपने स्टेटमेंट में कहा, "येट्स ने ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन का भरोसा तोड़ा है। येट्स ने जस्टिस डिपार्टमेंट को लिखे लेटर में कहा, "मौजूदा वक्त में मैं न तो इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का बचाव कर पाऊंगी और न ही ये लगता है कि इसे कानूनी रूप से जांचकर बनाया गया। येट्स ने लिखा था कि जस्टिस डिपार्टमेंट की हेड होने के नाते उनकी ये ड्यूटी है कि वे किसी भी ऑर्डर को कानून के हिसाब से जांचें-परखें। वहीं व्हाइट हाउस ने लिखा, "मिस येट्स, जिन्हें ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन ने अप्वाइंट किया है, वे बॉर्डर्स से जुड़े मुद्दों पर कमजोर और इलीगल इमीग्रेशन पर तो बेहद कमजोर हैं।"

यूएस रिफ्यूजी एडमिशन्स प्रोग्राम को 120 दिन के लिए बंद कर दिया गया था। ये तभी शुरू किया जाएगा जब ट्रम्प कैबिनेट के मेंबर्स उसकी अच्छी तरह जांच कर लेंगे। ऑर्डर के मुताबिक, इराक, ईरान, सीरिया, सूडान, लीबिया, सोमालिया और यमन के लोग भी 90 दिन तक अमेरिका में एंट्री नहीं ले सकेंगे। उन्हें वीजा नहीं मिलेगा।