मुलायम ने शिवपाल के लिए मांगे वोट, अखिलेश का नहीं लिया नाम

इटावा के जसवंतनगर की जिस धरती ने मुलायम सिंह यादव को धरती पुत्र बनाया, शनिवार को उसी के बाशिंदों से जब वह मुखातिब हुए तो अपने बेटे व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर भाई शिवपाल यादव के लिए वोट मांगा।

मुलायम ने शिवपाल के लिए मांगे वोट, अखिलेश का नहीं लिया नाम

इटावा के जसवंतनगर की जिस धरती ने मुलायम सिंह यादव को धरती पुत्र बनाया, शनिवार को उसी के बाशिंदों से जब वह मुखातिब हुए तो अपने बेटे व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर भाई शिवपाल यादव के लिए वोट मांगा। चिर परिचित ‘चरखा दांव’ का इस्तेमाल करते हुए घर व बाहर के लोगों को जवाब भी दिया। कहा, मैं बीमार नहीं हूं, अमेरिका, इंग्लैंड के डॉक्टरों ने रोगमुक्त होने का प्रमाण पत्र दिया है।

यह बात उन लोगों को जवाब है, जो जब-तब यह कहते हैं कि ‘नेताजी (मुलायम सिंह) का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, उन्हें कुछ लोग गुमराह कर लेते हैं।’ एक परिवार के महासंग्राम के दौर में 7 दिसंबर को मुलायम सिंह यादव ने बरेली में रैली की थी, उस समय चुनाव की तारीखों का एलान नहीं हुआ था। बाद के 2 महीने के अंतराल में सपा में संगठन से लेकर नीतियों तक में बदलाव आया है। मुलायम खुद चुनाव प्रचार को लेकर सीधी बात करने से बचते रहे। मगर 11 फरवरी को वह जसवंतनगर के उस ताखा गांव में पहुंचे जो 1996 तक उनका विधानसभा क्षेत्र था, बाद में यह इलाका उनके संसदीय क्षेत्र का हिस्सा भी रहा।

निर्धारित समय से 50 मिनट देर से पहुंचे मुलायम ने ताखा के लोगों से मुखातिब होते ही पुराने रिश्तों की याद दिलाने के साथ अपनी बात शुरू की और कहा कि वह शिवपाल के लिए समर्थन मांगने आए हैं। घर की लड़ाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भी शिवपाल की मदद कर देना, क्योंकि यह चुनाव मेरे व शिवपाल के लिए महत्वपूर्ण है। खुलासा करने के अंदाज में कहा, कई लोगों ने मुझसे कहा था कि ‘मत जाओ, वहां के लोग शिवपाल को जिता ही देंगे, मगर मैं आया क्योंकि बरसों से देश की राजनीति के उलझाव में यहां नहीं आ पाया था।’