सिख जोक्स मामले पर SC ने कहा- "मोरल गाइडलाइन" जारी नहीं कर सकते

सुप्रीम कोर्ट ने सिखों पर जोक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि कोर्ट लोगों के लिए मोरल गाइडलाइन जारी नहीं कर सकता है। ये बेहद मुश्किल है कि किसी समुदाय विशेष के लिए गाइडलाइन बनाई जाए।

सिख जोक्स मामले पर SC ने कहा- "मोरल गाइडलाइन" जारी नहीं कर सकते

सुप्रीम कोर्ट ने सिखों पर जोक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि कोर्ट लोगों के लिए मोरल गाइडलाइन जारी नहीं कर सकता है। ये बेहद मुश्किल है कि किसी समुदाय विशेष के लिए गाइडलाइन बनाई जाए। वहीं मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को तय की गई है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कोर्ट ने कहा अगर किसी को जोक्स से आपत्ति है तो वो कानूनी केस दर्ज करा सकता है। अगर आज कोर्ट किसी धर्म-जाति विशेष के लिए कोई दिशानिर्देश बनाता है तो कल कोई दूसरी जाति-धर्म के लोग दिशानिर्देश बनाने की मांग को लेकर कोर्ट आ जाएंगे। हंसी पर कोई कंट्रोल नहीं है। कोई हंसता है, कोई नहीं हंसता है।

कोर्ट ने कहा है कि अगर स्कूल में किसी बच्चे को कोई शिकायत है तो प्रिंसिपल और टीचर उसका समाधान करेंगे। ऐसे में कोई सामान्य गाइडलाइन नहीं बनाई जा सकती है।

बता दें कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि हम यह नहीं कह रहे कि इस मामले पर कोई दिशानिर्देश नहीं होने चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि इन निर्देशों को लागू कैसे किया जाएगा।

वहीं मामले में अपनी दलीलें रखने वाले वकीलों और सिख संस्थाओं से इस संबंध में सुझाव मांगते हुए पीठ ने कहा था कि हम इस तरह के जोक्स और सामग्री के व्यावसायिक प्रचलन को रोकने का आदेश जारी कर सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत रूप से इसे रोकना आसान नहीं होगा।