SC ने कहा, ट्रिपल तलाक गंभीर मामला, सुने जाने की जरूरत

देश की सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने गुरुवार को कहा कि तीन तलाक के मुद्दे को लेकर दायर की गई सभी याचिकाओं पर सुनवाई पांच जजों की संविधान पीठ मई माह में करेगी...

SC ने कहा, ट्रिपल तलाक गंभीर मामला, सुने जाने की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ट्रिपल तलाक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और इसे सुने जाने की जरूरत है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पार्टियों को अपना पक्ष लिखित में अटार्नी जनरल के पास 30 मार्च तक जमा कराने को कहा है।

चीफ जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस एनवी रमणा और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने 14 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान कहा था कि गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही पहले सप्ताह में 11 मई से इस मामले में नियमित सुनवाई की जाएगी। वहीं सभी पक्षकारों से कहा था कि वे पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से बहस के लिए तीन तीन वकीलों या पक्षकारों का चयन कर लें। कोर्ट ने साफ किया कि वे तीन तलाक से संबंधित कानूनी पहलू पर विचार करेगा। क्योंकि अगर कोर्ट ने व्यक्तिगत शिकायतों पर विचार करना शुरू किया तो मामले पर सुनवाई पूरी होना मुश्किल होगा।

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रिपल तलाक का मामला मानवाधिकारों से जुड़ा मामला है और वह ट्रिपल तलाक के मामले में सुनवाई करेंगे समान नागरिक संहिता (कॉमन सिविल कोड) के मुद्दे पर सुनवाई नहीं करेंगे। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह तीन तलाक की वैधता से जुड़ी याचिकाओं पर 11 मई तक फैसला देंगे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वह विशेष केस के तथ्यात्मक पहलुओं पर विचार नहीं करेगा और वह सिर्फ कानूनी मुद्दे देखेगा।