ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील ने 800 लोगों को नौकरी से निकाला

नोटबंदी के बाद से ही ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील रकम जुटाने के लिए काफी वक्त से संघर्ष कर रही है। लेकिन अभी तक रकम नहीं जुटा पाई। जिसकी वजह से कंपनी ने 800 से ज्यादा कर्मचारियों की छुट्टी कर दी...

ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील ने 800 लोगों को नौकरी से निकाला

नोटबंदी के बाद से ही ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील रकम जुटाने के लिए काफी वक्त से संघर्ष कर रही है। लेकिन अभी तक रकम नहीं जुटा पाई। जिसकी वजह से कंपनी ने 800 से ज्यादा कर्मचारियों की छुट्टी कर दी। फ्लिपकार्ट और अमेजॉन से कड़ी प्रतिस्पस्‍पर्धा का सामना कर रही यह कंपनी पिछले एक साल में कई बार अपने कर्मचारियों की छुट्टी कर चुकी है। स्नैपडील ने साथ ही अपने डिजिटल वॉलेट फ्रीचार्ज को बिक्री के लिए रखा है। इसे 30 करोड़ डॉलर में बेचने के लिए उसकी दक्षिण अफ्रीका के इंटरनेट ग्रुप नेस्पर्स से बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक पिछले महीने मुख्य रणनीतिक अधिकारी बनाए गए जेसन कोठारी फ्रीचार्ज को बेचने के लिए नेस्पर्स से बातचीत कर रहे हैं।

बता दें कि स्नैपडील और फ्लिपकार्ट को ताजा रकम जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि अमेजॉन के देश में अपना कारोबार बढ़ाने के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं। निवेशकों ने दोनों कंपनियों का मूल्यांकन घटाया है। स्नैपडील अभी तक कोई मुनाफा नहीं कमा पाई है। कंपनी के प्रमुख निवेशक सॉफ्टबैंक ने पिछले नौ महीने के दौरान दो बार अपने निवेश को बट्टे खाते में डाला है। कंपनी के सह संस्थापक कुणाल बहल ने कर्मचारियों को भेजे एक मेल में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के छंटनी की जानकारी दी। निकाले गए एक कर्मचारी ने कहा कि जैसे ही हमने यह मेल पढ़ा, एचआर ने हमें कार्यालय में बुलाया। उन्होंने कहा कि नौकरी छोडऩे पर हमें तीन महीने की तनख्वाह मिलेगी। हमने कहा कि यही ठीक है क्योंकि हमारे पास यही विकल्प था।

गौरतलब है कि कोठारी के आने के बाद से ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। उन्होंने व्यक्तिगत व्यापारियों के लिए बनाए गए मार्केटप्लेट शोपो को बंद किया और फ्रीचार्ज को बेचने की तैयारी में लग गए। फ्रीचार्ज के मुख्य कार्यकारी गोविंद राजन ने कंपनी छोड़ दी थी। सूत्रों के मुताबिक मार्केटिंग, एड-टेक, कैटगरी, डिजिटल मार्केटिंग, इंजीनियरिंग टीम और कैटालॉग्स के कर्मचारियों को नौकरी छोडऩे के लिए कहा गया है। इस छंटनी के बाद कंपनी में 1,300 कर्मचारी रह जाएंगे। बहल ने मेल में कहा, 'हम मुनाफा बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इस प्रक्रिया में हमें अपने कुछ साथियों को गुडबाय कहना होगा। यह हमारे जीवन का सबसे कठोर निर्णय है।' स्नैपडील में छंटनी भारतीय स्टार्टअप उद्योग में चल रही उथलपुथल का सबसे ताजा उदाहरण है। पिछले साल आस्कमी सहित कई कंपनियां बंद हो गई थीं क्योंकि निवेशकों ने उन्हें फंड देने से मना कर दिया था।