कैंसर के इलाज के लिए देश का पहला इंटीग्रेटिव ऑन्कोलोजी सेंटर...

कैंसर पीड़ित लोगों के लिए अच्छी खबर, नोएडा में देश का पहला इंटीग्रेटिव ऑन्कोलोजी सेंटर खोला गया।

कैंसर के इलाज के लिए देश का पहला इंटीग्रेटिव ऑन्कोलोजी सेंटर...

कैंसर के इलाज के लिए एलोपैथिक, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में संयुक्त रिसर्च के लिए शुक्रवार को नोएडा के सेक्टर-39 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च में देश का पहला इंटीग्रेटिव ऑन्कोलोजी सेंटर खोला गया।

सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव व इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च की निदेशक डॉक्टर सौम्य स्वामीनाथन और केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सचिव डॉक्टर अजीत एम. सरन ने किया। इसके अच्छे परिणाम मिल सकें, इसके लिए यहां पर छात्रों को रिसर्च भी कराई जाएगी।

सरकार से इसके लिए पिछले सप्ताह ही अनुमति मिली है। इसके लिए जल्द ही 10 सीटें निकाली जाएंगी। इस दौरान अमेरिका से भी डॉक्टर आए और उन्होंने इस कदम की सरहना की और कहा कि कैंसर की दवाइयों का साइड इफेक्ट भी होता है।

एलोपैथिक, आयुर्वेद और यूनानी के एक साथ रिसर्च से अच्छे परिणाम मिलेंगे और इससे मरीजों को भी अच्छा इलाज मिलेगा। इसके साथ ही देशभर के आयुष, यूनानी के डॉक्टरों को भी ट्रेंड किया जाएगा।

डॉक्टरों ने बताया कि कैंसर बीमारी के पहले और दूसरे स्टेज में 20 प्रतिशत मरीज ही इलाज कराने के लिए अस्पताल में आते हैं। इसमें से 80 प्रतिशत मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। वहीं, 80 प्रतिशत कैंसर के मरीज तीसरे और चौथे स्टेज में अस्पताल में पहुंचते हैं। जिसमें से 20 प्रतिशत मरीज ठीक हो पाते हैं। हालांकि, ये अच्छी बात है कि अमेरिका की तुलना में भारत कैंसर की कम चपेट में है। अमेरिका में 1 लाख लोगों में 450 लोगों में कैंसर पीड़ित हैं।

भारत में 1 लाख में 120 लोग कैंसर पीड़ित हैं। एनआईसीपीआर के निदेशक डॉक्टर रवि मेहरोत्रा का कहना है कि 40 प्रतिशत कैंसर तंबाकू से संबंधित होता है। इस सेंटर के जरिए लोगों को तंबाकू छुड़ाने में भी मदद की जाएगी।