सरकार ने दूसरे मकान पर कर छूट देने से किया इंकार

राजस्व सचिव हसमुख अधिया का कहना है कि सरकार ने दूसरे मकान पर कर छूट को दो लाख रुपये वार्षिक सीमित किये जाने के प्रस्ताव को वापस लेने से इंकार कर दिया है। हसमुख अधिया का कहना है कि दूसरे मकान की खरीद पर सरकारी सहायता देने की कोई तुक नहीं है...

सरकार ने दूसरे मकान पर कर छूट देने से किया इंकार

राजस्व सचिव हसमुख अधिया का कहना है कि सरकार ने दूसरे मकान पर कर छूट को दो लाख रुपये वार्षिक सीमित किये जाने के प्रस्ताव को वापस लेने से इंकार कर दिया है। हसमुख अधिया का कहना है कि दूसरे मकान की खरीद पर सरकारी सहायता देने की कोई तुक नहीं है। आमतौर पर ज्यादा पैसे वाले ही दूसरा मकान खरीदते हैं।उन्होंने कहा कि दूसरे मकान के लिए बैंक से ऋण लेने वालों को कर छूट देने का ‘वस्तुत: दुरपयोग’ ही होता है।

बता दें कि सरकार को सीमित संसाधनों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार घर खरीदने वाले को सब्सिडी देने की बात तो विवेकपूर्ण है लेकिन दूसरी संपत्ति का मालिक जो कि उसमें रहता नहीं है और उसे किराये पर देकर कमाई करता है उसे सब्सिडी देना बुद्धिमानी नहीं है।

गौरतलब है कि वित्त विधेयक 2017 में आयकर कानून की धारा 71 के तहत दूसरे मकान की पद में होने वाले नुकसान की अन्य मदों से होने वाली आय के समक्ष भरपाई को दो लाख रुपये तक सीमित कर दिया गया है। मौजूदा व्यवस्था के तहत इस तरह की आवासीय संपत्ति के समक्ष नुकसान की भरपाई के लिये इस तरह की कोई सीमा नहीं है। दूसरे शब्दों में अगर कहा जाये तो ऐसे आवास ऋण पर भुगतान किये जाने वाले पूरे ब्याज पर कर कटौती का फायदा मिल सकता है।

साथ ही सरकार के संसाधन बहुत सीमित हैं। सवाल यह है कि सरकार को पहली बार मकान खरीदने वालों को मदद देनी चाहिए जो कि खुद उस मकान में रहेंगे या फिर सरकार को उन लोगों को मदद देनी चाहिये जिन लोगों के पास अधिशेष पैसा है और वह दूसरा मकान खरीद रहे हैं।