नहीं रहे मशहूर उपन्यासकार वेद प्रकाश शर्मा

हिंदी के दिग्गज उपन्यासकार (Novelist) वेद प्रकाश शर्मा का 62 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने अब 176 उपन्यास लिखे हैं।

नहीं रहे मशहूर उपन्यासकार वेद प्रकाश शर्मा

हिंदी के दिग्गज उपन्यासकार (Novelist) वेद प्रकाश शर्मा का 62 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने अब 176 उपन्यास लिखे हैं। वेद प्रकाश के परिवार के सदस्यों ने शनिवार को बताया कि उन्होंने शुक्रवार देर रात अंतिम सांस ली। शर्मा की नॉवेल ‘वर्दी वाला गुंडा’ काफी चर्चित रहा था। परिवार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, वेद प्रकाश का स्वास्थ्य पिछले कुछ माह से ठीक नहीं था और फेफड़े में संक्रमण तथा स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उनका निधन हो गया। उन्होंने 176 उपन्यास लिखने के साथ-साथ कुछ फिल्मों की पटकथाएं भी लिखी थीं। उनके लोकप्रिय उपन्यास ‘कैदी नंबर 100’ और ‘वर्दी वाला गुंडा’ हैं।

‘वर्दी वाला गुंडा’ वेद प्रकाश शर्मा का सफलतम थ्रिलर उपन्यास है। इस उपन्यास की 8 करोड़ से ज्यादा कॉपियां बिक चुकी हैं। भारत में जनसाधारण में लोकप्रिय थ्रिलर उपन्यासों की दुनिया में यह उपन्यास “क्लासिक” का दर्जा रखता है। उनके सौंवे नॉवेल ‘कैदी नंबर-100’ की ढाई लाख प्रतियां छपी थीं। वर्दी वाला गुंडा’ के अलावा ‘बहू मांगे इंसाफ’, ‘दूर की कौड़ी’ और ‘शाकाहारी खंजर’ के लिए भी वेद प्रकाश शर्मा काफी चर्चा में रहे थे। वेद प्रकाश की तीन बेटियां (करिश्मा, गरिमा और खुशबू) और उपन्यासकार बेटा शगुन शादीशुदा हैं। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

6 जून 1955 को मेरठ में जन्में वेद प्रकाश शर्मा के पिता मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के बिहरा गांव के रहने वाले थे। वेद एक बहन और सात भाइयों में सबसे छोटे थे। वेद प्रकाश पहले दूसरों के नाम से लिखते थे। उनका पहला उपन्यास ‘दहकता शहर’ था, जो 1973 में प्रकाशित हुआ था।  वेद प्रकाश के कई उपन्यास पर बॉलीवुड में फिल्में बनी चुकी हैं, इनमें अनाम, वेद प्रकाश शर्मा के एक नॉवेल पर बना है। सबसे बड़ा खिलाड़ी की स्क्रिप्ट वेद के एक नॉवेल “लल्लू” पर आधारित है। 1999 में बनी इंटरनेशनल खिलाड़ी का स्क्रीनप्ले वेद ने ही लिखा था। इस मूवी के डॉयरेक्टर उमेश मेहरा थे और इसमें अक्षय कुमार और ट्विकंल खन्ना लीड रोल में थे।