इन पांच बैकों का SBI में होगा विलय

एसबीआई में 5 सहयोगी बैंकों का 1 अप्रैल से शुरू होगा विलय...

इन पांच बैकों का SBI में होगा विलय



भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पांच सहयोगी बैंकों का अपने मातृ बैंक में विलय 1 अप्रैल से होगा। यह देश के बैंकिंग इतिहास में सबसे बड़ी एकीकरण की प्रक्रिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर ऐंड जयपुर (एसबीबीजे), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (एसबीटी), स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (एसबीपी) तथा स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (एसबीएच) की संपत्तियां 1 एक अप्रैल, 2017 से एसबीआई को स्थानांतरित हो जाएंगी। 


 इन पांच सहयोगी बैंकों के विलय के साथ एसबीआई संभवत: संपत्ति के आधार पर दुनिया के बड़े बैंकों में शामिल हो जाएगा। उसकी परिसंपत्तियां बढ़कर 37 लाख करोड़ रुपये या 555 अरब डालर पर पहुंच जाएंगी। बैंक की शाखाओं की संख्या 22,500 और एटीएम की 58,000 हो जाएगी। बैंक के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ पर पहुंच जाएगी।




इन बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी (निदेशक मंडल के सदस्यों तथा सहायक बैंकों के कार्यकारी न्यासी को छोड़कर) एसबीआई के कर्मचारी हो जाएंगे।


 विलय के बाद बैंक शाखाओं और एटीएम की संख्या बढ़कर क्रमश: 22,500 और 58,000 हो जाएगी। बैंक के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ पर पहुंच जाएगी। इससे पहले निजी क्षेत्र में एक बड़े बैंक अधिग्रहण के तहत कोटक महिंद्रा बैंक ने 2015 निजी बैंक आईएनजी वैश्व बैंक  का 15,000 करोड़ रुपये में अधिग्रहण कर लिया था। इस अधिग्रहण को बैंकिंग क्षेत्र का सबसे बड़ा अधिग्रहण बताया गया।