हर घंटे नहाती है ये लड़की ,वरना बन जाएगी सांप जैसी

ऐसा वह अपनी खूबसूरती के लिए नहीं करती, बल्कि जिंदा रहने के लिए कर रही है। शालिनी को एक लाइलाज बीमारी है जिसके कारण लोग उसे नागकन्या भी कहने लगे हैं। स्कूल के बच्चे उससे डरते हैं जिसकी वजह से उसे स्कूल से भी निकाल दिया गया है।

हर घंटे नहाती है ये लड़की ,वरना बन जाएगी सांप जैसी

16 साल की शालिनी को हर घंटे नहाना पड़ता है ताकि उसकी त्वचा कड़ी ना हो जाए। वह दिनभर अपने शरीर पर क्रीम मलती रहती है जिससे त्वचा में नमी बनी रहे।

ऐसा वह अपनी खूबसूरती के लिए नहीं करती, बल्कि जिंदा रहने के लिए कर रही है। शालिनी को एक लाइलाज बीमारी है जिसके कारण लोग उसे नागकन्या भी कहने लगे हैं। स्कूल के बच्चे उससे डरते हैं जिसकी वजह से उसे स्कूल से भी निकाल दिया गया है।



शालिनी को नागकन्या इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि हर छह हफ्तों में उसकी त्वची निकलती है। जी हां! सुनने में यह काफी अजीब लग रहा है लेकिन 'Erythroderma' नाम की एक बीमारी की वजह से इस बच्ची की त्वचा कड़ी हो कर हर 42 दिनों में निकलती है।

वह बचपन से इस बीमारी की शिकार है। त्वचा निकलने के कारण शालिनी के शरीर से खून भी आता है साथ ही उसे काफी दर्द से भी गुजरना पड़ता है।

डॉक्टर भी इस बीमारी का इलाज कर पाने में असमर्थ हैं। किसी को नहीं मालूम की आखिर इस बीमारी का इलाज क्या है। शालिनी के माता-पिता ने उसे कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए।

हैदराबाद में रहने वाले राम राज का परिवार बाकि सभी परिवारों से काफी अलग है। क्योंकि उनके परिवार के ज्यादातर लोग बौनें हैं और उनका परिवार हैदराबाद का सबसे बड़ा बौने लोगों का परिवार है।



उनके परिवार में 21 लोग हैं जिनमें से 18 लोग बौने कद के हैं। वह 7 बहनें और 4 भाई थे लेकिन इस बीमारी के चलते कई चल बसे। अब उनके परिवार में 10 लोग हैं जिनमें से 9 बौने हैं।

बौने होने की वजह से इन्हें कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। छोटे पैरों के कारण पैदल चलना इनके लिए किसी मुसीबत से कम नहीं होता ।

अपने हालातों से लड़ रहे राम के परिवार को लोगों के तानों का सामना भी करना पड़ता है। राम कहते हैं, "जब हम बाहर जाते हैं तो हमसे अजीब सवाल पूछे जाते हैं। लोग पूछते हैं कि तुम इतने छोटे क्यों और कहां से हो। हर कोई हमें परेशान करता है।"

राम राज और उनके परिवार की ऐसी हालत की जिम्मेदार Achondroplasia नाम की बीमारी है। यह जेनेटिक कंडीशन सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है।