ट्रंप की कैंची अब ग्रीन कार्ड पर, इमिग्रेशन को आधा करने के लिए बिल पेश

अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने के इच्छुक विदेशी मूल के लोगों को डोनाल्ड ट्रंप एक बड़ा झटका देने की तैयारी कर रहे हैं. अमेरिका के दो प्रभावी सिनेटर्स ने संसद में संशोधन प्रस्ताव दिया है जिसके मुताबिक अमेरिका अगले दस साल में कानूनी तौर पर रह रहे इमीग्रेंट्स की संख्या को घटाकर आधी कर देगा...

ट्रंप की कैंची अब ग्रीन कार्ड पर, इमिग्रेशन को आधा करने के लिए बिल पेश

अमेरिका में रहने वाले विदेशी मूल के लोगों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बड़ा झटका देने की तैयारी कर रहे हैं.  बता दें, अमेरिका के दो प्रभावी सिनेटर्स ने संसद में संशोधन प्रस्ताव दिया है. प्रस्ताव के मुताबिक अमेरिका अगले दस साल में कानूनी तौर पर रह रहे इमीग्रेंट्स की संख्या को घटाकर आधी कर देगा.

अमेरिकी संसद से इस प्रस्ताव को कानून बनने के बाद वहां रह रहे विदेशी नागरिकों को बड़ा झटका लगेगा. इसमें बड़ी संख्या में वह भारतीय नागरिक भी जो वहा ग्रीन कार्ड या पर्मानेंट रेसिडेंसी का बेसब्री से इंतजार करते हैं.



यदि यह बिल पास हो जाता है तो इससे उन लाखों भारतीय-अमेरिकियों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा जो रोजगार आधारित वर्गों में ग्रीन कार्ड मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. बताते चलें कि मौजूदा समय में किसी भारतीय को ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए 10 से 35 साल इंतजार करना पड़ता है और अगर ये बिल का पास होकर कानून बन जाता है तो यह समय सीमा बढ़ सकती है. इस बिल में एच-1बी वीजा पर ध्यान केंद्रित नहीं किया गया है. कॉटन ने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि हमारी इमिग्रेशन प्रणाली अमेरिकी कर्मियों के लिए काम करना शुरू करे.’’ कॉटन ने कहा, ‘‘रेज एक्ट ज़्यादा सैलरी को बढ़ावा देगा जिसके आधार पर सभी काम करने वाले अमेरिकी भविष्य का निर्माण कर सकते हैं.’’

साल 2015 में 1,051,031 प्रवासी यहां आए थे. इस बिल के पास होने से पहले साल में इमिग्रेंट्स की कुल संख्या कम होकर 6,37,960 रह जाएगी और 10वें साल में यह 5,39,958 हो जाएगी. पर्डू ने कहा, ‘‘हम हमारी कानूनी इमिग्रेशन प्रणाली में मौजूद कुछ कमियों को दूर करने के लिए कदम उठा रहे है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कानूनी इमिग्रेशन के हमारे ऐतिहासिक रूप से सामान्य स्तरों पर वापस पहुंचने से अमेरिकी नौकरियों और सैलरी के स्टैंडर्ड के सुधार में मदद मिलेगी.’’