यूपी चुनाव: गठबंधन के बावजूद कई सीटों पर सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए भले ही सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रहे हो, लेकिन कम से कम 12 सीटें ऐसी हैं जिन पर इन दोनों के प्रत्याशी आमने-सामने है।

यूपी चुनाव: गठबंधन के बावजूद कई सीटों पर सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए भले ही सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रहे हो, लेकिन कम से कम 12 सीटें ऐसी हैं जिन पर इन दोनों के प्रत्याशी आमने-सामने है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि कुछ सीटों पर सपा और कांग्रेस के उम्मीदवार एक दूसरे को ही चुनौती दे रहें हैं, लेकिन इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी ने कहा कि सपा उम्मीदवारों ने कुछ सीटों पर यह सोच कर नामांकन दाखिल कर दिया था कि उनके और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं होगा। इसके अलावा कई जगहों पर उनके उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहते थे, लेकिन अनिश्चितता के कारण ऐसा नहीं कर सके।इसके साथ ही कई जगहों पर उनके उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहते थे, लेकिन अनिश्चितता के कारण ऐसा नहीं कर सके।

वहीं रायबरेली की सरेनी सीट पर कांग्रेस के अशोक सिंह और सपा के देवेन्द्र प्रताप सिंह एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। गौरीगंज सीट पर भी भ्रम की स्थिति है। यहां भी कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद नईम सपा के राकेश प्रताप सिंह को चुनौती दे रहे हैं। इसी सीट से वर्ष 2012 में हारे नईम नामांकन वापस ना लेने के फैसले पर अडिग हैं।

इसके साथ ही लखनऊ (मध्य) सीट पर भी ऐसे ही हालात हैं। यहां कांग्रेस प्रत्याशी मारूफ खान और मौजूदा विधायक सपा उम्मीदवार रविदास मेहरोत्रा आमने-सामने हैं। इनमें से कोई भी उम्मीदवार अपना नामांकन वापस नहीं लेना चाहता है।

कांग्रेस ने बाराबंकी जिले की जैदपुर सीट पर अपने राज्यसभा सदस्य पी एल पुनिया के बेटे तनुज को टिकट दिया है। इसी सीट पर सपा के राम गोपाल रावत ने भी नामांकन किया है। चुनाव आयोग ने मुजफ्फरनगर की पुरकाजी सीट पर कांग्रेस-सपा दोनों ही प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किये हैं, लेकिन गठबंधन के तहत यह सीट कांग्रेस को दी गई है।