वन चाइना पाॅलिसी पर ट्रंप ने मारी पलटी, कहा-सर्मथन करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप वन चाइना पॉलिसी पर सवाल उठाने के बजाए अब पलटी मारी है। ट्रंप ने एक पत्र में अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से कहा कि वह ‘रचनात्मक संबंध’ बनाने के लिए उत्साहित हैं जिससे दोनों देशों को लाभ हो।

वन चाइना पाॅलिसी पर ट्रंप ने मारी पलटी, कहा-सर्मथन करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप वन चाइना पॉलिसी पर सवाल उठाने के बजाए अब पलटी मारी है। ट्रंप ने एक पत्र में अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से कहा कि वह ‘रचनात्मक संबंध’ बनाने के लिए उत्साहित हैं जिससे दोनों देशों को लाभ हो। इस के बाद उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत में वन चाइना पॉलिसी पर अपना समर्थन जताया है। ट्रंप ने जिनपिंग से कहा कि अमेरिका वन चाइना पॉलिसी का सम्मान करेगा। आपकाे ज्ञात हाे इससे पहले ट्रंप ने व्यापार पर चीन से कोई रियायत नहीं मिलने की स्थिति में वन चाइना पॉलिसी की निरंतरता की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया था। इसी मामले काे लेकर चीन के राष्ट्रपति ने ट्रंप से कहा था कि यह कम्युनिस्ट देश उन पर हुक्म नहीं चला सकता है।

इससे कुछ दिन पहले ट्रंप ने दशकों पुरानी ‘वन चाइना’ नीति पर सवाल उठाये थे जिससे चीन चिढ़ गया था। ट्रंप ने राष्ट्रपति जिनपिंग को पत्र लिखा, जिन्होंने 20 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप को बधाई देते हुये एक पत्र लिखा था। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने आज (गुरुवार, 9 फरवरी) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पत्र लिखकर शपथ ग्रहण के अवसर पर उनके बधाई पत्र के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और चीन के लोगों को ‘लैंटर्न फेस्टिवल’ और चीनी नववर्ष की बधाई दी।’

अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि 'मैं वन चाइना पॉलिसी पूरी तरह समझता हूं'। 'लेकिन मुझे नहीं मालूम कि यदि हम व्यापार समेत अन्य चीजें करने के लिए चीन के साथ सौदा नहीं कर पाते है', तो हम वन चाइना पॉलिसी से क्यों बंधे हैं,। उन्होंने कहा, दक्षिण चीन सागर के मध्य में विशाल किला बनाकर तथा अवमूल्यन एवं सीमा पर हमारे ऊपर भारी कर लगाकर चीन हम पर बुरी तरह चोट पहुंचा रहा है जबकि हम उन पर कर नहीं लगाते। चीन को ऐसा नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा, स्पष्ट कहूं तो वह उत्तर कोरिया मामले में हमारी मदद नहीं कर रहा। आप उत्तर कोरिया के समीप हैं, आपके पास परमाणु हथियार हैं और चीन उस समस्या का हल कर सकता था। वह हमारी बिल्कुल मदद नहीं कर रहा। अतएव मैं नहीं चाहता कि चीन मुझ पर हुक्म चलाए।