जब जेल में थे लालू तब की थी सेवा, अब मांग रहे हैं मेवा

जब जेल में थे लालू तब की थी सेवा, अब मांग रहे हैं मेवा। लालू ने कहा करना पड़ेगा इंतजार।

जब जेल में थे लालू तब की थी सेवा, अब मांग रहे हैं मेवा

सेवा किये हैं तो मेवा जरूर मिलेगा। ये दावा है महेन्द्र कुमार भारती का जो अभी हाल ही में बिहार सरकार के वरीय उप समाहर्ता के पद से सेवानिवृत हुए हैं। भारती निषाद समाज से आते हैं। एक सप्ताह पहले लालू प्रसाद के दरबार में अर्जी लेकर गए थे कि मुझे राजद में यथाशीघ्र शामिल करने की कृपा की जाए। कुछ दिन और वेट करने का आदेश मिला है। वैसे नौकरी में रहते हुए भी ये लालू दरबार की गणेश परिक्रमा करते रहे हैं। काफी फिरकीबाज अफसर के तौर पर विभाग में इनकी गिनती होती थी।

अब सवाल है कि भारती किस सेवा के बदले मेवा खाने की बात कर रहे हैं। ये जानने के लिए थोड़ा फ्लैश बैक में जाना होगा। ये जनाब जनवरी 1997 से मार्च 2000 और फिर दिसम्बर 2000 से लेकर जनवरी 2003 तक बेउर सेन्ट्रल जेल के सुपरिटेन्डेन्ट रहे हैं। ‘बदकिस्मती’ से लालू प्रसाद यादव भी इसी कालखंड में चारा घोटाला केस में यहां कैदी नम्बर वन थे। महेन्द्र कुमार भारती को लगा कि मानो भक्त को लालू रूपी भगवान मिल गए। उनका रोज साक्षात दर्शन करते थे। भक्त ने ऐसी सेवा शरू की, गोया लालू प्रसाद यादव जेल में नहीं बल्कि अपने पुश्तैनी घर में रह रहे हों। तभी से भारती के शरीर में मानो लालू प्रसाद यादव की आत्मा घुस गई है। तभी तो शुक्रवार को बेतिया में अपने अभिनन्दन समारोह के समय भाषण देते हुए उन्होंने कहा ‘‘लालू जी मेरे रग-रग में बसते हैं, अगर मेरे खून का एक कतरा भी जमीन पर गिरेगा तो उसपर आपलोगों को लालू प्रसाद यादव लिखा मिलेगा’’।

बहरहाल, और भी कई रिटायर्ड अफसर हैं जिन्होने नौकरी में रहते हुए लालू प्रसाद यादव की सेवा की है, वो आज मेवा चाभ रहे हैं। मसलन, शंभूनाथ यादव जिन्होंने कई सालों तक राजद सुप्रीमो के बॉडी गार्ड के रूप में सेवा की फिर अचानक नौकरी को लात मार कर हाथों में लालटेन थाम लिया। शंभूनाथ अभी बक्सर जिले के ब्रहमपुर से राजद के विधायक हैं। चुनाव आयोग को दिए शपथ-पत्र के अनुसार 4 करोड़ की सम्पति उनके पास है।