ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के एक हफ्ते बाद मुझे पोस्ट छोड़नी पड़ी: व्हाइट हाउस की पूर्व स्टाफर

अमेरिका के व्हाइट हाउस की एक पूर्व स्टाफर रुमाना अहमद का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के 8 दिन के भीतर उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। रुमाना बांग्लादेशी मूल की मुस्लिम महिला हैं।

ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के एक हफ्ते बाद मुझे पोस्ट छोड़नी पड़ी: व्हाइट हाउस की पूर्व स्टाफर

अमेरिका के व्हाइट हाउस की एक पूर्व स्टाफर रुमाना अहमद का कहना है कि डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के 8 दिन के भीतर उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। रुमाना बांग्लादेशी मूल की मुस्लिम हैं। ट्रम्प ने 20 जनवरी को शपथ ली थी और 27 जनवरी को 7 मुस्लिम देशों के लोगों की यूएस में एंट्री पर बैन लगाने वाला ऑर्डर पास किया था। नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल में काम करती थीं रुमाना।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक रुमाना ने बताया कि उन्हें 2011 में व्हाइट हाउस के लिए हायर किया गया था। वे नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल  एनएससी में काम करती थीं। रिपाेर्ट अनुसार रुमाना ने लिखा, "मेरी जॉब का मकसद था- मेरे देश के सिद्धांतों की सुरक्षा करना और उसे बढ़ावा देना। मैं एक हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिला हूं। वेस्ट विंग में मैं हिजाब पहनने वाली अकेली महिला थी। ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन ने हमेशा मेरा स्वागत किया और हर चीज में मुझे शामिल किया। लेकिन अब अमेरिकन-मुस्लिम कम्युनिटी में घबराहट है। क्योंकि ट्रम्प हमें अलग-थलग करने में लगे हैं।

मैंने सोचा था कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन में भी एनएससी  स्टाफ में काम करती रहूंगी। लेकिन इमिग्रेंट्स बैन वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से उनके इस्लाम और अमेरिकी मुस्लिमों को लेकर उनकी सोच का पता चलता है। मैंने ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के बाद 8 दिन और काम किया। लेकिन जब उन्होंने मुस्लिम देशों के लोगों और सीरियाई रिफ्यूजियों के यूएस आने पर बैन पर ऑर्डर पास किया, तब मैंने उनके साथ काम न करने का फैसला किया। ट्रम्प के ऑर्डर से लगता है कि वे हमें सिटिजंस की तरह नहीं, बल्कि एक खतरे की तरह देखते हैं।

हांलाकि रुमाना ने नाैकरी छोड़ने के बारे में एनएससी के कम्युनिकेशन एडवाइजर माइकल एंटन को बताया था। वे कहती हैं, "चौंकाने वाली बात तो ये रही कि जब मैंने उन्होंने बताया और वो खामोश हो गए। तब मुझे कहना पड़ा- जाने दीजिए। उन्होंने ये तक नहीं पूछा कि आखिर मैं जॉब छोड़ क्यों रही हूं। रुमाना के मुताबिक, मैंने एंटन से कहा- मैं इसलिए छोड़ रही हूं क्योंकि बेइज्जती-सी महसूस हो रही है। मैं जिस ऐतिहासिक इमारत में एक एडमिनिस्ट्रेशन के तहत काम करती हूं, रोज आती-जाती हूं। उसे एक अमेरिकन और मुस्लिम होने के नाते हम पर भरोसा नहीं है। हम पर इल्जाम लगाया जा रहा है। ऐसा करके एडमिनिस्ट्रेशन ने डेमोक्रेसी के मूल ढांचे पर हमला किया है।

आपकाे बता दें कि 1978 में रुमाना के माता-पिता बांग्लादेश से अमेरिका आ गए थे। वे बराक ओबामा से काफी प्रभावित हुई। 2011 में जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन करने के बाद रुमाना ने व्हाइट हाउस में ज्वाइन कर लिया।