5 दशक बाद परिवार से मिल कर फूट-फूट कर राेया चीनी सैनिक

भारत में करीब 5 दश्क से अधिक समय से रह रहे चीनी युद्धबंदी वांग शी आखिरकार अपने देश चीन वापस लौट गए। परिजनों से मिलने के बाद देर तक उनकी आंखों से आंसू निकलते रहे। आंसुंओ के बीच ही वे अपने परिजनों से मिलते रहे।

5 दशक बाद परिवार से मिल कर फूट-फूट कर राेया चीनी सैनिक

भारत में करीब 5 दशक से अधिक समय से रह रहे चीनी युद्धबंदी वांग शी आखिरकार अपने देश चीन वापस लौट गए। जियांग पहुंचते ही उनका स्वागत गर्मजोशी के साथ किया गया। शी के स्‍वागत के लिए उनकी सैनिक रेजिमेंट के आला अधिकारी भी मौजूद थे। अपने परिजोनों से मिलने के दौरान आसुंओं को रोक नहीं पाए। परिजनों से मिलने के बाद देर तक उनकी आंखों से आंसू निकलते रहे। आंसुंओ के बीच ही वे अपने परिजनों से मिलते रहे।

ज्ञात हाे कि चीन के साथ वर्ष 1962 के युद्ध के बाद सीमा पार कर जाने पर 50 साल से अधिक समय तक भारत में फंसा रहा एक चीनी सैनिक अपने भारतीय परिवार के सदस्यों के साथ चीन पहुंचा जहां उसका भव्य स्वागत किया गया। उसका अपने परिवार के लोगों से भावनात्मक मिलन हुआ। वांग क्वी (77) नामक इस चीनी सैनिक को लेने के लिए उसके करीबी चीनी संबंधियों के अलावा चीनी विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के अधिकारी भी पहुंचे। वांग दिल्ली से बीजिंग आने वाले विमान में अपने बेटे, बहू और पोती के साथ आए।

मीडिया रिपाेर्टस के मुताबिक बाद में वांग शांक्सी प्रांत की राजधानी शियान गए जहां उनके परिवार के सदस्यों और अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। श्यान हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी रहीं जहां बाहर बड़ी संख्या में मीडिया के लोग मौजूद थे। पांच दशक से भी अधिक समय पहले सीमा पार कर जाने वाले वांग जब पहली बार अपने चीनी संबंधियों से वापस मिले तो उनसे गले लगकर भावुक हो उठे। वांग के साथ उनका बेटा विष्णु वांग, बहू नेहा और पोती खनक वांग थी। हालांकि उनकी भारतीय पत्नी सुशीला भारत में ही रूकीं।

आपकाे बता दें कि 77 साल के वांग को 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद भारतीय क्षेत्र में घुसते हुए पकड़ा गया था। बाद में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद वांग ने एक भारतीय महिला से शादी करके यहां अपना परिवार बसा लिया था।