7वां वेतन आयोग : एचआरए (HRA) पर फैसला अब सरकार के हाथ

7वां वेतन आयोग में एचआरए पर फैसला अब सरकार के हाथ में है...

7वां वेतन आयोग : एचआरए (HRA) पर फैसला अब सरकार के हाथ

यह शायद पहली बार है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर कई मुद्दों पर कर्मचारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. यह अलग बात है कि कर्मचारियों ने वेतन आयोग के गठन के बाद भी आयोग के समक्ष अपनी मांगें रखी थी.

वह मांगें वहां पूरी नहीं हुई और वेतन आयोग ने अपनी ओर से संस्तुति कर दी. सरकार ने रिपोर्ट भी लागू कर दी और कर्मचारी एक बार अपनी मांगों के लेकर सरकार के दरबार में हाजिर हो गए.

वहीं जिन मुद्दों को लेकर विवाद हुआ है उसमें कर्मचारियों के एचआरए की दर भी सामिल है. सरकार ने तमाम मुद्दों पर बातचीत के लिए तीन समितियों को गठन किया था जिनको कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया था. इन समितियों में एक समिति वित्त सचिव अशोक लवासा के नेतृत्व में बनाई गई थी.

इसी समिति के पास अलाउंस का मुद्दा भी था. कहा जा रहा है कि महीने की 22 तारीख को इस समिति की अंतिम बैठक हुई थी जिसमें कर्मचारियों से अंतिम बार अलाउंस के मुद्दे पर चर्चा पूरी की गई. अलाउंस समिति से बातचीत करने के लिए कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए के 13 प्रतिनिधि शामिल हुए थे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है. वहीं कुछ सूत्र कह रहे हैं कि अभी यह रिपोर्ट सरकार को सौंपी नहीं गई है. वैसे तैयार रिपोर्ट को कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा. जो भी कैबिनेट फैसाल लेगी वही लागू होगा. हालांकि रिपोर्ट के तथ्य अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं.