सहयोगी देश करे नोटों का खर्च उठाने में मदद: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे हैं। ट्रंप ने अपने अब तक के भाषण में प्रवासी नीति को कड़ा बनाने के अपने रुख को जायज ठहराया है...

सहयोगी देश करे नोटों का खर्च उठाने में मदद: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे हैं। ट्रंप ने अपने अब तक के भाषण में प्रवासी नीति को कड़ा बनाने के अपने रुख को जायज ठहराया है। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मूलभूत ढांचे में सुधार पर जोर दिया। ट्रंप का कहना था कि वो आतंकवाद के साथ सख्ती से पेश आएंगे। आईएसआईएस से निपटने के लिए मुस्लिम मुल्कों का सहयोग लेंगे। उन्होंने अमेरिकी मिडल क्लास को राहत पहुंचाने और कारोबारी नीति को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया है।

बता दें कि ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि हम शांति चाहते हैं, जंग नहीं। अमेरिका नए दोस्त बनाने में पीछे नहीं हटेगा। अतीत की गलतियों से सबक लेना जरुरी है। अमेरिका सभी देशों की स्वतंत्रता का सम्मान करता है। मित्र देश रणनीतिक कामों में सहयोग करें। हम नाटो का पुरजोर समर्थन करते हैं, लेकिन सदस्य देश खर्च उठाने में मदद करें। भूतपूर्व सैनिकों को सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। अमेरिकी सेना को मजबूत बनाना जरुरी है।

ट्रंप का कहना है कि हम प्रवासी लोगों के अपराध रोकने के लिए नया आदेश लाएंगे। अमेरिका में बढ़ती हत्या की दर चिंता का विषय होगी। अश्वेतों समेत दूसरे कमजोर तबकों के लिए नया शिक्षा बिल पास करे कांग्रेस। मेरा प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी पार्टियों के साथ मिलकर काम करेगा। स्वास्थ्य बीमा, दवाओं की कीमत कम करने के लिए कानून में बदलाव जरुरी है।