DSGPC चुनाव: SAD बादल का कब्जा बरकरार, AAP का नहीं खुला खाता

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद बादल) ने 35 वार्डों पर जीत हासिल कर अपना कब्जा बरकरार रखा है।

DSGPC चुनाव: SAD बादल का कब्जा बरकरार, AAP का नहीं खुला खाता

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद बादल) ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी ने वर्ष 2013 के डीएसजीपीसी चुनाव की तरह ही 35 वार्डों पर जीत हासिल की है। इस चुनाव में सरना बंधुओं को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी शिअद दिल्ली (सरना) को मात्र 7 सीटें मिली है।

वहीं पहली बार डीएसजीपीसी चुनाव में उतरे आप समर्थित पंथक सेवा दल का खाता भी नहीं खुल पाया। इसके साख ही 2 सीटों पर अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार भाई रंजीत सिंह की पार्टी अकाल सहाय वेलफेयर सोसायटी ने जीत दर्ज की है, जबकि 2 सीटें निर्दलीय के खाते में गई हैं।

बता दें कि डीएसजीपीसी के 55 सदस्यों में से 46 संगत द्वारा चुने जाते हैं। इनके अतिरिक्त श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री पटना साहिब, तख्त श्री केशगढ़ साहिब तथा तख्त श्री हुजूर साहिब के जत्थेदार भी डीएसजीपीसी के सदस्य होते हैं। इसी तरह से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का एक प्रतिनिधि भी दिल्ली कमेटी में होता है।

इसके साथ ही दिल्ली के सिंह सभाओं के प्रधानों में से 2 को दिल्ली कमेटी का सदस्य बनाया जाता है। इनका चयन लॉटरी से होता है। दों सदस्यों का चुनाव कमेटी के चुने हुए 46 सदस्य मतदान के द्वारा करते हैं।

गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय के निदेशक शूरवीर सिंह का कहना है कि 16 मार्च से पहले इन सदस्यों को मनोनीत कर दिया जाएगा। 30 मार्च तक कमेटी की बैठक में चेयरमैन का चुनाव किया जाएगा।