DU प्रोफेसर साईबाबा माओवादी से रिश्ते के आरोप में दोषी करार

DU के प्रोफेसर जीएन साईबाबा और पांच अन्य को UAPA एक्ट के तहत गढ़चिरौली सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया है। साईबाबा के अलावा जेएनयू छात्र हेम मिश्रा, पूर्व पत्रकार प्रशांत राही और तीन अन्य को भी दोषी करार दिया गया है।

DU प्रोफेसर साईबाबा माओवादी से रिश्ते के आरोप में दोषी करार

DU के प्रोफेसर जीएन साईबाबा और पांच अन्य को UAPA एक्ट के तहत गढ़चिरौली सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया है। साईबाबा के अलावा जेएनयू छात्र हेम मिश्रा, पूर्व पत्रकार प्रशांत राही और तीन अन्य को भी दोषी करार दिया गया है। साईबाबा को माओवादियों से रिश्ते रखने के आरोप में गढ़चिरौली पुलिस ने मई 2014 में दिल्ली से गिरफ्तार किया था।

साईबाबा दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं। पुलिस का कहना है कि उनका नाम उस वक्त सामने आया जब जेएनयू स्टूडेंट हेम मिश्रा को गिरफ्तार किया गया। मिश्रा ने जांच एजेंसियों को बताया कि वह छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के जंगलों में छिपे माओवादियों और प्रोफेसर के बीच 'कूरियर' का काम करता है। साईबाबा की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने दावा किया था कि साईबाबा को बैन संगठन भाकपा-माओवादी का कथित सदस्य होने, उन लोगों को साजो सामान से सहयोग देने और भर्ती में मदद करने के आरोप में पकड़ा गया।