आप भी जानिए क्या है हेमा मालिनी के चिर युवा होने का राज़

बॉलीवुड अभिनेत्री और नृत्यांगना हेमा मालिनी ने अपने चिर युवा होने के राज को खोलते हुए कहा कि मैं खुद को हमेशा अपनी उम्र से 10 साल छोटा महसूस करती हूं...

आप भी जानिए क्या है हेमा मालिनी के चिर युवा होने का राज़

बॉलीवुड अभिनेत्री और नृत्यांगना हेमा मालिनी ने अपने चिर युवा होने का राज को खोलते हुए कहा कि मैं खुद को हमेशा अपनी उम्र से 10 साल छोटा महसूस करती हूं। हेमा ने दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालयों के 10वें युवा उत्सव के उद्घाटन समारोह में कहा कि जीवन के हर पड़ाव पर मैं महसूस करती आयी हूं कि मैं अपनी वास्तविक उम्र से 10 साल छोटी हूं। यह हमेशा युवा बने रहने का रहस्य है। आपको भी यह बात सीखनी चाहिये और खुद को कभी बूढ़ा नहीं समझना चाहिये।

बता दें कि हेमा को उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उसी दौरान 68 साल की ‘ड्रीम गर्ल’ ने कहा कि बुढ़ापा तो आकर ही रहेगा। लेकिन हमें खुद को हमेशा युवा समझना चाहिये।’’मथुरा की बीजेपी सांसद ने युवाओं से राजनीति में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि राजनीति में ज्यादातर लोग उम्रदराज हैं। आपको बहुत जल्द ये हालात बदलने होंगे।

गौरतलब है कि हेमा ने दक्षिण एशिया से आए विद्यार्थियों का भी भारत में स्वागत किया। इसके साथ ही कहा कि उनके सामने अपने-अपने देश के निर्माण की जिम्मेदारी है और उन्हें इस सिलसिले में ऐसा योगदान करना चाहिये जिसे कभी भुलाया ना जा सके। हेमा ने युवा उत्सव के भारतीय प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश बदलाव के खूबसूरत दौर से गुजर रहा है। नौजवान पीढ़ी को परिवर्तन की इस प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहिये ताकि देश विकास के बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सके।

साथ ही उन्होंने कहा कि हम सब खुश किस्मत हैं कि हमें मोदी के रूप में इतना शानदार प्रधानमंत्री मिला है। आपको भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने की मोदी की मुहिम को समर्थन देना चाहिये।’ दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालयों के युवा उत्सव के 10वें संस्करण का आयोजन भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के साथ मिलकर किया है।

वहींं दक्षिण एशिया क्षेत्र में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिये आयोजित पांच दिवसीय समारोह में मेजबान भारत के साथ भूटान, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और मॉरीशस के कुल 350 विश्वविद्यालयीन विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।