हाफिज किसी काम का नहीं, कार्रवाई होनी चाहिएः पाक के पूर्व NSA दुर्रानी

पाकिस्तान आधारित संगठनों द्वारा भारत में किए गए आतंकी हमले की पोल खुद वहां के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महमूद अली दुर्रानी ने खोल दी।

हाफिज किसी काम का नहीं, कार्रवाई होनी चाहिएः पाक के पूर्व NSA दुर्रानी

पाकिस्तान आधारित संगठनों द्वारा भारत में किए गए आतंकी हमले की पोल खुद वहां के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महमूद अली दुर्रानी ने खोल दी। उन्होंने सोमवार को अपने देश के आतंकी गुटों के भारत पर हुए हमलों में शामिल होने का खुलासा किया। दुर्रानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद किसी काम का नहीं है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार को अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकी गुटों को खत्म करना चाहिए। लश्कर-ए-तैयबा समेत कई आतंकी गुटों के सरगना हाफिज सईद की पाकिस्तान के लिए उपयोगिता के सवाल पर उन्होंने कहा कि उसकी देश के लिए कोर्इ आवश्यकता नहीं है और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड को सजा दी जानी चाहिए।

19वें एशियाई सुरक्षा सम्मेलन में पाकिस्तान के एनएसए पूर्व अधिकारी दुर्रानी ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को हुआ मुंबई हमला सीमापार आतंकवाद का एक 'क्लासिक' उदाहरण है। इसे पाकिस्तान से संचालित एक आतंकी गुट ने अंजाम दिया था। हालांकि उन्होंने इस आतंकी हमले में पाक सरकार की भूमिका से साफतौर पर इनकार किया।

ज्ञात हो कि 26/11 हमला उस समय हुआ था जब दुर्रानी के एनएसए अधिकारी थे। साल 2009 में उन्हें इस वजह से पद से हटा दिया क्योंकि उन्होंने जिंदा पकड़े गए आतंकी कसाब के पाकिस्तानी होने की बात स्वीकार की थी। कसाब को साल 2012 में फांसी की सजा दे दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार मुंबई हमलों में लश्कर और उसके सरगना सईद का हाथ होने के सबूत कई बार पाकिस्तान को दे चुका है लेकिन पड़ोसी देश हर बार और सबूतों की मांग कर उस पर कार्रवाई से पल्ला झाड़ता रहा है।