आंदोलनकारी जाटों ने दी दिल्ली में दूध-सब्जी की आपूर्ति बंद करने की धमकी

असहयोग आंदोलन के तहत जाट समुदाय के लोगों ने दिल्ली को दूध और अन्य जरूरी चीजें जैसे सब्जियां आदि की आपूर्ति बंद करने को कहा गया है।

आंदोलनकारी जाटों ने दी दिल्ली में दूध-सब्जी की आपूर्ति बंद करने की धमकी

हरियाणा में अपनी मांगों और शिकायतों पर अधिकारियों के रुख से नाराज जाट प्रदर्शनकारियों ने होली के बाद असहयोग आंदोलन करने ऐलान किया है। इसी बीच अपने आंदोलन के तहत जाटों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन शुरु किया है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता यशपाल मलिक ने कहा कि बीते 29 जनवरी से आंदोलन कर रहे जाट नेता अपने विरोध-प्रदर्शन को 2 मार्च से नई दिल्ली ले जाएंगे।

असहयोग आंदोलन के तहत जाट समुदाय के लोगों से बिजली और पानी के बिल का भुगतान बंद करने को कहा गया है। इतना ही नहीं लोगों से यह भी कहा गया है कि वे दिल्ली को दूध और अन्य जरूरी चीजें जैसे सब्जियां आदि की आपूर्ति बंद करने को कहा गया है।

हरियाणा विधानसभा में जाट आंदोलन पर चर्चा की गई। विधानसभा में बजट सत्र के दौरान स्थगन प्रस्ताव पेश करने वाले इनेलो के नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी हरियाणा में जाटों को सरकारी नौकरियों और सरकारी संस्थानों में आरक्षण पर राजनीति करने का प्रयास कर रही हैं। चौटाला ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार जाट समुदाय की मांगों को पूरा करने में विफल रही है, जबकि उसने पिछले साल इस पर सहमति जताई थी।

आरक्षण के अलावा जाट पिछले साल जाट आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी, घायलों को मुआवजा, उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और जाटों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फरवरी 2016 में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 30 लोग मारे गए थे। जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस दौरान हजारों करोड़ रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति की क्षति हुई थी।