ट्विट कर विजय माल्या ने बताया किंगफिशर एयरलाइंस के बंद होने की एक 'बड़ी वजह'

कर्ज ना चूकाने और अन्य वित्तीय अनियमितताओं का सामना कर रहे भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या ने कहा है कि किंगफिशर एयरलाइंस के विमानों के खराब इंजन उसके बंद होने की एक प्रमुख वजह थी।

ट्विट कर विजय माल्या ने बताया किंगफिशर एयरलाइंस के बंद होने की एक

कर्ज ना चूकाने और अन्य वित्तीय अनियमितताओं का सामना कर रहे भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या ने कहा है कि किंगफिशर एयरलाइंस के विमानों के खराब इंजन उसके बंद होने की एक प्रमुख वजह थी। उन्‍होंने शुक्रवार को दो सिलसिलेवार ट्वीट कर यह बात कही। विजय माल्‍या भारत छोड़कर लंबे समय से लंदन में रह रहे हैं।

मीडिया रिपाेर्टस के मुताबिक विमानन नियामक 'नागर विमानन महानिदेशालय' (डीजीसीए) ने भारत में परिचालन में प्रयुक्त कुछ एयरबस 320 नियो विमानों में पीएंडडब्ल्यू के इंजनों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। डीजीसीए ने ऐसे इंजन वाले 21 विमानों 320 एयर बसों की जांच के विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। ये विमान और एयरबस इंडिगो और गो एयर कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं।

विजय माल्‍या द्वारा किए गए पहले ट्वीट में कहा गया कि, आश्‍चर्यचकित नहीं हूं कि डीजीसीए ने प्रैट एंड विह्टनी एयरक्राफ्ट इंजनों की जांच के आदेश दिए हैं। किंगफिशर एयरलाइंस भी दुर्भाग्य से खराब इंजनों की वजह से बंद हो गई।

उन्‍होंने दूसरे ट्वीट में कहा कि हमने पीएंडडब्ल्यू समूह की आईएई पर मामला दर्ज कराया है। यह मामला किंगफिशर को खराब इंजनों की आपूर्ति करने के एवज में मुआवजा पाने के लिए दायर किया गया है।

गाैरतलब है कि डीजीसीए ने एयरबस 320 के 21 नए विमानों में लगे पी एंड डब्‍ल्‍यू इंजन की विस्‍तृत जांच के आदेश दिए हैं। इन विमानों को इंडिगो और गोएयर भी इस्‍तेमाल कर रही है। इन इंजनों में तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं।

नागर विमानन महानिदेशालय ने हाल की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों विमानन कंपनियों से जांच करने को कहा है। इंजन संबंधी मुद्दों के कारण इंडिगो और गो एयर की उड़ानों को आपात स्थिति में उतरना पड़ा है। डीजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुल 21 ए 320 विमानों में पी एंड डब्‍ल्‍यू इंजन का उपयोग किया गया। इन विमानों की जांच की जाएगी और पूरा अभियान अगले दो सप्ताह में पूरा हो जाने की संभावना है।

ज्ञात हाे कि भारत ने बीते माह ही माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन को आग्रह पत्र सौंपा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने जानकारी देते हुए कहा था कि 'हमने विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आग्रह ब्रिटेन के उच्चायोग को सौंपा, जो हमें सीबीआई से प्राप्त हुआ था। हमने ब्रिटेन से आग्रह किया है कि भारत में सुनवाई का सामना करने के लिए उनका प्रत्यर्पण करें। उन्होंने कहा कि माल्या के खिलाफ भारत का 'वैध' मामला है और अगर प्रत्यर्पण आग्रह का सम्मान किया जाता है तो यह हमारी चिंताओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाएगा।