पोस्टमॉर्टम से खुलासा, महिला को जिंदा ही चिता पर जलाया!

एक विवाहित महिला की मौत के मामले में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब पुलिस ने चिता पर जल रहे शव को उतार लिया। ससुराल आैर पति के द्वारा अंतिम संस्कार के नाम पर जिंदा ही जलाए जाने के आरोप के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया।

पोस्टमॉर्टम से खुलासा, महिला को जिंदा ही चिता पर जलाया!

एक विवाहित महिला की मौत के मामले में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब पुलिस ने चिता पर जल रहे शव को उतार लिया। ससुराल आैर पति के द्वारा अंतिम संस्कार के नाम पर जिंदा ही जलाए जाने के आरोप के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया।

मीडिया रिपाेर्ट के मुताबिक पहेली बनी मौत की यह घटना 24 वर्षीय रचना सिसौदिया की है, जिसकी कुछ दिनों पहले देवेश चाैधरी से शादी हुई थी। नाटकीय घटनाक्रम में नोएडा में स्थित अस्पताल ने डेथ समरी में बताया कि ह्रदय संबंधी समस्या के चलते 25 फरवरी को रचना की मौत हुई, जिसके अगले ही दिन उसका दाह संस्कार किया गया। जबकि अलीगढ़ में हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसकी सांस लेने वाली नली में राख पाया गया। जिसका मतलब यह है कि जलाए जाते समय वह जिंदा थी और सांस ले रही थी।

पुलिस ने जब रचना की शव काे चिता पर से उतारा तब तक वह 70 प्रतिशत जल चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में रचना के पति देवेश चौधरी  और 11 अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर हिरासत में लिया है।

उल्लेखनीय है कि रचना 13 दिसंबर को बुलंदशहर स्थित अपने घर से गायब हो गई थी। उसके मामा कैलाश सिंह ने बताया, 'हमने उसे बहुत खोजा लेकिन पता चला कि वह देवेश के साथ रह रही है। हम अलीगढ़ में उसके गांव भी गए लेकिन रचना वहां भी नहीं मिली। पड़ोसियों के अनुसार शादी करने के बाद दोनों नोएडा शिफ्ट हो गए थे, जहां रचना ग्रैजुएशन कर रही थी।

पुलिस ने मीडिया काे बताया कि 23 फरवरी को रचना को ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पातल में भर्ती कराया गया था और 25 फरवरी को उसका निधन हो गया। हॉस्पिटल द्वाला जारी डेथ समरी के अनुसार भर्ती करते समय रचना बुखार, कंपकपी, सांस लेने में तकलीफ, पेट दर्द और लूस मोशन से जूझ रही थी। दो दिन बाद हर्ट समस्या और अक्यूट रेस्परेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम की वजह से मौत हो गई।

हांलाकि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर पंकज मिश्रा ने बताया कि शरीर 70 प्रतिशत जल चुका था, इसलिए कहना मुश्किल है कि वह रचना का ही शरीर था।