महिला दिवस 2017: जानिए 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अन्तरराष्ट्रीय वूमेंस डे

इंटरनेशनल महिला दिवस राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर महिलाओं के समान अधिकारों को देखते हुए विश्व भर में मना है। महिला दिवस सन 1900 से मनाया जा रहा है लेकिन अब यह हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है...

महिला दिवस 2017: जानिए 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अन्तरराष्ट्रीय वूमेंस डे

इंटरनेशनल महिला दिवस राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर महिलाओं के समान अधिकारों को देखते हुए विश्व भर में मना है। महिला दिवस सन 1900 से मनाया जा रहा है लेकिन अब यह हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। महिला दिवस किसी एक ग्रुप या संस्था तक सीमित नहीं है, यह सरकार, महिला संस्थानों और कारर्पोरेशन द्वारा मनाया जाता है। इस दिन पूरे विश्व में आर्ट परफॉर्ममेंस, रैली और मार्च का आयोजन किया जाता है। महिलाओं को समर्पित इस दिन पर कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिस में महिलाएं हिस्सा लेती है। पिछली साल महिलाओं के सम्मान में गूगल डूडल वन डे आई विल लाइन के साथ समर्पित किया था। यह दिन मनाने के ​पीछे कई सारी वजह हैं जैसे कि महिलाओं को मीडिया, शिक्षा में बढ़ावा और करियर के क्षेत्र में कई अवसर मिले।

गौरतलब है कि कई देशों में इस दिन छुट्टी होती है और जो महिलाएं काम करती हैं इस दिन उनके आॅफिस कई तरह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आज हर क्षेत्र में महिला अपनी अलग पहचान बना रही हैं और महिला को प्रोत्साहित करने के लिए ही महिला दिवस मनाया जाता है। ताकि हर जगह महिलाएं इसी तरह आगे बढ़ती रहे। इंटरनेशनल महिला दिसव का आॅफिशल चिन्ह वीनस है। इस सिम्बल को ​बैंगनी रंग के साथ उन सभी महिला की तस्वीरों के साथ सजाया जाता है जिन्होंने अपने जीवन में संघर्ष किया और सफलता हा​सिल की।

बता दें कि बैंगनी रंग को इस लिए चुना गया है क्योंकि यह गरिमा और न्याय का प्रतीक है। यही दो महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं जो पूरे विश्व में इंटरनेशल महिला दिवस के मौके पर हमें हासिल करने हैं। इंटरनेशल वुमेन्स डे के दिन जिन महिलाओं ने सामाजिक, राजनीतिक और महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए कई प्रयास किए थे उन्हें भी इस दिन याद किया जाता है।

साथ ही भारत में भी इंटरनेशनल वुमेन्स डे को काफी बड़े स्तर मनाया जाता है। भारत में महिला दिवस के दिन कई राज्यों में महिलाओं के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। महिलाओं को सम्मान देने के लिए सरकारी और गैरसरकारी संस्थान हर साल कुछ अलग या नए ढंग इस दिन को मनाने की कोशिश करते हैं।