दक्षिण कोरियाा की राष्ट्रपति पार्क को अदालत ने किया बर्खास्त

भ्रष्टाचार के आरोप में घिरीं दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे को बर्खास्त कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये कार्रवाई देश की शीर्ष संवैधानिक अदालत ने की।

दक्षिण कोरियाा की राष्ट्रपति पार्क को अदालत ने किया बर्खास्त

भ्रष्टाचार के आरोप में घिरीं दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे को बर्खास्त कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये कार्रवाई देश की शीर्ष संवैधानिक अदालत ने की। ज्ञात हो कि लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई दक्षिण कोरिया की पहली राष्ट्रपति हैं, जिनको अदालत ने इस पद से हटाया है। आठ सदस्यीय न्यायाधीशों के पैनल ने पार्क के खिलाफ संसद के महाभियोग को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।

उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार में पार्क और उनकी करीबी दोस्त चोई सून-सिल के शामिल होने की बात सामने आई थी। इसके अलावा पार्क को न सिर्फ बतौर राष्ट्रपति मिलने वाले विशेषाधिकारों से वंचित कर दिया गया है बल्कि अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा भी चलाया जाएगा। इससे पहले दिसंबर में मामले को लेकर पार्क को राष्ट्रपति के कामकाज से दूर कर दिया गया था। उनकी स्थान पर देश के प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी दी गई थी।

पार्क की करीबी चोई पर आरोप है कि उन्होंने सरकार की तरफ से तरफदारी के बदले में कंपनियों पर घूस देने का दबाव बनाया था। चोई को घूसखोरी और भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बनाया गया है। इसमें पार्क की भूमिका की भी सामने आई थी जिसके बाद से उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू की गई थी। शीर्ष अदालत ने पर्क के खिलाफ संसद के महाभियोग पर गंभीरता से विचार किया। कोर्ट ने पाया कि मामले में पार्क को राष्ट्रपति पद से बर्खास्त करने के पर्याप्त कारण मौजूद हैं।

न्यायाधीशों के पैनल ने कहा कि पार्क ने चोई के लिए गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को लीक किया और कानूनों का उल्लंघन किया। वहीं, अदालत के इस फैसले के खिलाफ दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। अदालत के बाहर भी काफी संख्या में लोग जमा हो गए। दूसरी तरफ पार्क को पद से हटाए जाने से विपक्ष में खुशी का माहौल है।